बाल विवाह मुक्त भारत (100 दिवसीय अभियान) के तहत बाल विवाह के विरुद्ध चलाया रहा है जागरूकता अभियान : डीसीपीओ
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)20 दिसंबर। शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जबाला एक्शन रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में जिला बाल संरक्षण इकाई के सभागार कक्ष में बाल कल्याण समिति की सदस्या किरण तिवारी की अध्यक्षता में बाल विवाह की रोकथाम हेतु बैठक आयोजित की गयी।
बैठक को संबोधित करते हुए किरण तिवारी ने कहा कि सामान्यतः पाया जाता है कि जिले में कई बाल विवाह को अंजाम दिया जाता है, हमलोग सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर क्षेत्र में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होती हो तो इसकी सूचना अविलंब बाल कल्याण समिति, बाल विवाह निषेध पदाधिकारी एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के निःशुल्क नम्बर 1098 पर दी जाए।
समिति के सदस्य सुबीर कुमार भट्टाचार्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार बाल विवाह की रोकथाम एवं संपूर्ण जिम्मेदारी बाल विवाह निषेध पदाधिकारी की होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी बाल विवाह घटित होती हो तो अविलंब इसकी सूचना बाल विवाह निषेध पदाधिकारी को दें।
समिति के सदस्य रजनीकांत दुबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध प्रत्येक प्रखण्ड, पंचायत, विद्यालय एवं ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार हो एवं कानून का उल्लंघन करने वाले पर प्राथमिकी दर्ज की जाए।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चन्द्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत (100 दिवसीय अभियान) के तहत बाल विवाह के विरुद्ध जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत स्वयं सेवी संस्थाएं प्रतिदिन बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिले के विद्यालयों, पंचायतों, आंगनबाड़ी सेंटरों, ग्राम स्तर पर पोस्टर, पम्पलेट एवं हस्ताक्षर अभियान कर सतत् समाज को जागरूक की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रखण्ड स्तरीय बाल विवाह निषेध पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत स्वयं सेवी संस्थान के जबाला एक्शन रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन की सचिव डॉ० दुर्बा बंधोपाध्याय ने कहा कि जबाला जिले को बाल हित में कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है तथा सहयोग करेगी।
कार्यशाला में पीओआईसी आशीष मोहन, पीओएनआईसी विजय कुमार, एलपीओ, अनिल मोहन ठाकुर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, संप्रेक्षण गृह, सभी पदाधिकारी व कर्मीगण,जबाला एक्शन रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के समस्त कर्मीगण, नीति आयोग के प्रतिनिधि अमलेश कुमार, ग्राम ज्योति, ग्राम साथी, प्रवाह, लोक कल्याण सेवा केंद्र,आयोयाद्री तथा बाल संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न संस्थाएं मौजूद थे।

