जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे:जिलाधिकारी

योजनाओं के लाभार्थियों एवं शिकायतकर्ताओं से स्वयं फीडबैक ले अधिकारी।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)12 दिसंबर। जनपद बागपत में सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड से संबंधित विकास कार्यों की कड़ी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों को कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश जारी किए गए।
नवंबर माह की रैंकिंग में कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं रही। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को कहा कि वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें, लाभार्थियों और शिकायतकर्ताओं से नियमित फीडबैक लें और कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले एक माह के भीतर रैंकिंग में सुधार न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं के सम्बन्ध में स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, कैंप लगाकर योजना के प्रचार-प्रसार और सही लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए गए। सरकारी योजनाओं का अंतिम लाभार्थी तक पहुँचना, पत्राचार की पूर्णता और अपात्र लाभ रोकना सभी विभागों की अनिवार्य जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने IGRS में जनपद की रैंक सुधारने के लिए विशेष समीक्षा और कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की देरी या त्रुटि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को चेतावनी दी कि योजनाओं में तेजी और पूर्णता सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर देरी, लापरवाही या कार्यशैली में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी। अधिकारियों को अपने विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए ताकि प्रगति में सुधार हो और विभागों में शिथिलता न रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी लापरवाही करेगा, वह कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहे।
10 लाख से अधिक धनराशि के निर्माण कार्यों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्य सरकार की प्राथमिकता हैं और प्रत्येक योजना का उद्देश्य जनता के जीवन में ठोस सुधार लाना है, इसलिए पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता, तीनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि जो भी परियोजनाएं जनपद में बनाई जा रही है उन पर अच्छी गुणवत्ता के साथ कार्य होना चाहिए और उनकी आयु अच्छी हो
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अपूर्ण निर्माण योजनाओं की प्रगति को तीव्र किया जाए ताकि तय समय सीमा में सभी परियोजनाएं पूर्ण हो सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हर परियोजना स्थल पर योजना का विवरण बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिससे आमजन को पता चल सके कि उनके क्षेत्र में कौन से कार्य हो रहे हैं, किस संस्था द्वारा किए जा रहे हैं और कितनी लागत से पूरे होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में गति के साथ-साथ गुणवत्ता भी सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के साथ साथ संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे स्थलीय निरीक्षण नियमित रूप से करें और कार्यों की गुणवत्ता देखे। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब योजनाएं समय पर पूरी हों, गुणवत्तापूर्ण हों और जनता के जीवन को बेहतर बनाएं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से कहा कि योजनाओं के निष्पादन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की अद्यतन स्थिति पोर्टल पर समय से अपलोड की जाए। विभाग समन्वय से कार्य करे और सुनिश्चित करे कि परियोजनाएं बेहतर ढंग से धरातल पर आकार ले।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बृजेंद्र शुक्ल, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

