जबलपुर/मध्यप्रदेश 11 जून। मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र के जबलपुर सबसे बड़ा शहरमें से एक हैं माँ नर्मदा नदी की पूजा अर्चना के बाद इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश में कांग्रेस का चुनाव मिशन शुरू हो जायेग.
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाँधी मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अभी से ही जोरदार तैयारी कर ली है। इसी के चलते कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव गांधी मध्यप्रदेश के चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगी.
माँ नर्मदा नदी की पूजा अर्चना के बाद रोड शो करेंगी प्रियंका गाँधी.कांग्रेस के स्थानीय नेता ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी की पूजा अर्चना करने के बाद जबलपुर में रोड शो करेंगी। इस दौरान वह एक रैली के माध्यम से विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी,
मध्यप्रदेश के इस महाकौशल क्षेत्र के जबलपुर में कांग्रेस ने साल 2018 में हुए विधानसभा चुनावों मे आरक्षित 13 में से 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस दौरान भाजपा को सिर्फ दो सीटों से संतोष करना पड़ा थी.
जबलपुर के स्थानीय पदाधिकारी ने जानकारी दी कार्यक्रम में कांग्रेस के समर्थन में लगभग दो लाख लोग रैली में शामिल होंगे.जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी रैली स्थल के रास्ते में मौजूद रानी दुर्गावती की एक प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी,
मध्यप्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि रैली महाकौशल में आयोजित की जा रही है क्योंकि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा वहां से नहीं गुजरी थी। उन्होंने कहा कि इस रैली से पड़ोसी विंध और बुंदेलखंड क्षेत्रों में कांग्रेस को मदद मिलेगी। इसके अलावा महाकौशल क्षेत्र में मजबूत सत्ता विरोधी लहर भाजपा सरकार के खिलाफ है और कांग्रेस के पारंपरिक आदिवासी मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र में रहता है। उन्होंने कहां कि कांग्रेस ने इस क्षेत्र में पिछले चुनाव में 24 सीटों पर जीत थी.
मध्यप्रदेश में मुख्य तौर पर छह क्षेत्र हैं, जिनमें महाकौशल, ग्वालियर-चंबल, मध्य भारत, निमाड़-मालवा, विंध्य और बुंदेलखंड हैं। महाकौशल या जबलपुर संभाग में जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और छिंदवाड़ा सहित आठ जिले आते हैं। कांग्रेस ने 2018 मध्यप्रदेश में सरकार बनाई थी लेकिन करीब 18माह सरकार चल पाई थी. कांग्रेस के कुछ विधायक त्याग पत्र दें दिए थे.जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बीजेपी से चुनाव जीत कर आये थे.
