
RKTV NEWS/पटना(बिहार)04 दिसंबर। बुधवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के 141 वां जन्म दिवस पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बिहार प्रदेश द्वारा माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे आयोजन का नेतृत्व बिहार प्रदेश के अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सभी पदाधिकारी व सदस्य का उपस्थित हुए और डॉ राजेंद्र प्रसाद अमर रहे का जय घोष करते हुए सबने इनके प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जयंती पर अपना संदेश देते हुए राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि देश के लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के पद पर आसीन होना उनके कार्य क्षमता,बिहार की मिट्टी और समाज के लिए गौरव का बोध कराता है।इनके विद्यार्थी जीवन में दिया गया कमेंट आज तक स्वर्णाक्षरों में अंकित है – एग्जामिनी इस बेटर दैन एग्जामिनर। स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी से लेकर सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बीच इनकी पहचान एक सच्चे देशभक्त के रूप में विख्यात रही। कांग्रेस के लिए एक सच्चे सिपाही के रूप में अध्यक्षता कर राष्ट्रीय पहचान बनाई। संविधान निर्मात्री समिति के अध्यक्ष के रूप में सबका मार्गदर्शन कर गरिमा प्रदान की। राष्ट्रपति बनने के बाद भी इनमें नाम मात्र का भी कभी घमंड देखने को नहीं मिला बल्कि सबके लिए इनका राष्ट्रपति भवन खुला रहता था यह थी इनका विशाल हृदय की महानता। राष्ट्रपति पद से हटाने के बाद यह सीधे पटना के सदाकत आश्रम में शेष जीवन व्यतीत किया और अंतिम यात्रा पटना की बांस घाट में सदा के लिए विलीन हो गये। जन्मदिन पर सारी घटना को स्मरण कर आंख से बरबस आंसू निकल जाते हैं।धन्य है राजेन्द्र प्रसाद,न भूतो न भविष्यति।प्रमुख लोगों में राजीव रंजन सिन्हा,अशोक कुमार सिन्हा-प्रदेश उपाध्यक्ष,सुधीर कुमार सिन्हा-प्रदेश उपाध्यक्ष,दीप शिखा–प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा-प्रदेश कोषाध्यक्ष,कृष्ण बिहारी –प्रदेश उपाध्यक्ष,उमाशंकर प्रसाद वर्मा- प्रदेश अध्यक्ष व्यवसाय मंच अवधेश प्रसाद–प्रदेश उपाध्यक्ष ऋतिक रंजन
इसकी जानकारी प्रदेश उपाध्यक्ष सह मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा ने दिया।
