
RKTV NEWS/नई दिल्ली 26 नवंबर।संविधान दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विजन एवं दूरदर्शिता को स्वीकार किया, जो विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक प्रयास में राष्ट्र को प्रेरित करती रहती है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का संविधान मानव की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है। उन्होंने कहा कि संविधान जहां नागरिकों को अधिकारों से सशक्त करता है, वहीं उन्हें उनके कर्तव्यों की याद भी दिलाता है, जिन्हें पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये कर्तव्य एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र की नींव हैं।
राष्ट्र के संकल्प को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अपने कार्यों के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया, जिससे देश की प्रगति और एकता में योगदान मिल सके।
एक्स पर अपने एक पोस्ट में, श्री मोदी ने कहा
“संविधान दिवस पर, हम अपने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका विजन और दूरदर्शिता हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहती है।
हमारा संविधान मानव की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है। यह हमें अधिकारों से सशक्त तो करता ही है, साथ ही नागरिक के रूप में हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है, जिन्हें हमें सदैव निभाने का प्रयास करना चाहिए। ये कर्तव्य एक मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं।
आइए, हम अपने कार्यों के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं।”
