अर्चना प्रकाशन न्यास द्वारा लेखक साहित्यकारों का दीपावली मिलन कार्यक्रम भोपाल में सम्पन्न
भोपाल /मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)07 नवंबर।समाज में साहित्य लोकमानस तक पहुँचना चाहिए। लेखन से पूर्व साहित्यकारों को चिंतन, मनन और अध्ययन करना चाहिए। राष्ट्र और समाज के सामयिक बिंदुओं पर विचार करते हुए हमें साहित्य सृजन की आवश्यकता है।
अर्चना प्रकाशन न्यास भोपाल द्वारा विगत 5 नवंबर को संपन्न लेखक साहित्यकारों के दीपावली मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रांत के प्रचार प्रमुख कैलाश शर्मा ने यह बात कही | अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत का परिवार विश्व के लिए आदर्श है, परन्तु कई समस्याओं के कारण आज संयुक्त परिवार एकल परिवार में बिखर रहे हैं।
परिवारों को बचाने के लिए संस्कारों पर ध्यान देना आवश्यक है | बाज़ारवाद और भ्रमित करने वाली सूचनाओं से हमें सावधान रहना चाहिए | पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, आत्मानिर्भरता तथा कुटुंब प्रबोधन पर भी उन्होंने मार्गदर्शन दिया | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रांत के संघचालक पूर्व न्यायविद अशोक पाण्डेय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
आरंभ में न्यास अध्यक्ष लाजपत आहूजा सहित अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया | स्वागत वक्तव्य निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने दिया | प्रबंध न्यासी राकेश जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया | श्रीराम माहेश्वरी, सत्या सिंह राठौर, सविता सिंह भदौरिया, तथा विक्रमादित्य सिंह ने प्रचार, तकनीकी, संपादकीय तथा महिला टोलियों की गतिविधियों और कार्यों पर प्रकाश डाला |
महाराणा प्रताप नगर स्थित वनवासी कल्याण परिषद के सभागार में संपन्न इस आयोजन में अर्चना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पाँच पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया ।
इन पुस्तकों के नाम हैं- पंच प्रण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन की भारतीय दृष्टि, नागरिक कर्त्तव्य और स्व का बोध। आरंभ में श्रद्धा गुप्ता ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। शिवानी शर्मा द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। माधवसिंह दांगी ने आभार प्रकट किया |
कार्यक्रम में हेमंत मुक्तिबोध , डॉ उमेश सिंह, महेश सक्सेना, डॉ गोपेश वाजपेयी, डॉ भंवरलाल श्रीवास , साधना जैन, राजेन्द्र गुप्ता, डा कुमकुम गुप्ता, शिरोमणि दुबे, जगदीश चंद्रा, ओपी खुराना, पुरुषोत्तम तिवारी, गोकुल सोनी, डा मोहन तिवारी, डॉ राजेश तिवारी, मनोरमा पंत, डा वन्दना मिश्रा, साधना बलवटे, अरविन्द मिश्रा, ओमप्रकाश सुनरया, सोमकांत उमालकर , कमलकिशोर दुबे, डॉ अनिता तिवारी, रमेश शर्मा, कैलाश तिवारी, मनीष श्रीवास्तव बादल, निवेदिता शर्मा, साधना शुक्ला, सुनीता शर्मा सिद्धि, अरविंद श्रीवास्तव , मुकेश अवस्थी, देवीदयाल भारती सहित अनेक लेखक, साहित्यकार तथा पत्रकार उपस्थित थे |

