
RKTV NEWS/नई दिल्ली, 06 नवंबर।जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का मूल्यांकन 170 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। निवेश बैंकरों का मानना है कि कंपनी का संभावित मूल्यांकन इसे भारत की सबसे बड़ी दो अथवा तीन कंपनियों में शामिल कर सकता है। यह आंकड़ा भारती एयरटेल जैसी कंपनियों से भी कहीं अधिक है। एयरटेल का मौजूदा मूल्यांकन लगभग 12.7 लाख करोड़ रुपये (143 अरब डॉलर) है। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का आईपीओ, 2006 के बाद रिलायंस से जुड़ी किसी बड़ी यूनिट का पहला सार्वजनिक आईपीओ होगा। बताते चलें कि 2006 में रिलायंस पेट्रोलियम की लिस्टिंग हुई थी।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, निवेश बैंकरों ने जियो के लिए 130 अरब डॉलर से लेकर 170 अरब डॉलर तक का मूल्यांकन प्रस्तावित किया है। जिसपर चर्चाएं फिलहाल चल रही हैं और अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इससे पहले देश के नामी ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने सितंबर-27 में जियो प्लेटफॉर्म लिमिटेड के इक्विटी वैल्यु को अपग्रेड करके 148 अरब अमेरिकी डॉलर कर दिया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त में कहा था कि जियो की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है। अंबानी 2019 से ही जियो के संभावित आईपीओ की बात कर रहे हैं। 2020 में मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक) और अल्फाबेट (गूगल) जैसी कंपनियों ने जियो में 10 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया था। सितंबर के अंत तक जियो के पास लगभग 50.6 करोड़ ग्राहक थे, और प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) 211.4 रुपये था। इस पूरे मामले पर रिलायंस की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
