RK TV News
खबरें
Breaking News

भोजपुर:बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सजग रहे प्रशासन : निर्देशिका डा सुनीता सिंह

आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 नवंबर।देवउठनी एकादशी से शुभ लग्न का शुभारंभ हो रहा है जिसके मद्देनजर जिले में बाल विवाह के खिलाफ मुहिम चला रहे गैरसरकारी संगठन दिशा एक प्रयास, की निदशक डा सुनीता सिंह ने जिला प्रशासन व जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) से बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी और सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। सचिव ने जिला प्रशासन को भेजी गई चिट्ठी में बाल विवाहों की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए कड़ी चौकसी की अपील की है ताकि ऐसी कोई भी घटना प्रशासन की जानकारी से ओझल नहीं रह सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके। साथ ही, जन-जन तक यह संदेश पहुंचाना आवश्यक है कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास किसी संभावित बाल विवाह की जानकारी है तो वह तत्काल पुलिस हेल्पलाइन (112), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या स्थानीय थाने को सूचित करे ताकि इस सामाजिक अपराध को रोका जा सके।
संगठन ने एक नवंबर से शुरू हो रहे शादी- ब्याह के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन से ससाथ ही, स्कूलों को भी सतर्क किया जाए कि इन दिनों अगर कोई बच्चा गैरहाजिर है तो वे इसकी वजह पता करें।रपंचों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश देने की अपील की है। इसके साथ ही संगठन ने आज से ही गांवों और स्कूलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान को गति देने का फैसला करते हुए धार्मिक नेताओं से भी इस मौके पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
इन्होंने कहाकि, “सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के अपने ऐतिहासिक फैसले में जिलों को बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्क रहने तथा दिशानिर्देश अमल की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने भी वर्ष 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य के साथ 27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी।
दिशा एक प्रयास, भोजपुर बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। संगठन भारत सरकार की ओर से पिछले साल शुरू किए गए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के नक्शेकदम पर पिछले कई वर्षों से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए लगातार जमीनी प्रयास कर रहा है।
संगठन ने जिला प्रशासन को सभी सरपंचों को यह निर्देश देने को कहा है कि वे अपने गांव में होने जा रहे सभी विवाहों की निगरानी करें और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने इलाके में इन विवाहों की सूची तैयार करें। संगठन ने सभी धार्मिक नेताओं और विवाह समारोह में टेंट, सजावट या बैंड बाजा मुहैया कराने वाले सेवा प्रदाताओं से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि वे किसी भी बाल विवाह में अपनी सेवाएं देकर इसका हिस्सा नहीं बनेंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 के अनुसार जो भी किसी भी तरह से बाल विवाह में भागीदारी करता है, सेवाएं प्रदान करता है, इसे संपन्न या निर्देशित करता है, उसे दो साल का सश्रम कारावास और एक लाख रुपए जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें वे भी शामिल हैं जो इसे प्रोत्साहित करते हैं, स्वीकृति देते हैं या जानबूझ कर इसकी जानकारी देने में नाकाम रहते हैं जिसमें आयोजक, अतिथि और सेवा प्रदाता भी शामिल हैं।

Related posts

भोजपुर: डीएम ने हैदराबाद के दंपत्ति को प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर अंतर्गत बच्ची को किया सुपुर्द ।

rktvnews

उत्तराखंड: 25 मई से शुरू होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा।

rktvnews

जयपुर:उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आगामी बजट के लिए प्राप्त किए सुझाव।

rktvnews

एनएचपीसी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 8 प्रतिशत बढ़ा, इस पावर ‘मिनी रत्न’ कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 3834 करोड़ रुपये के कर पश्‍चात लाभ हासिल किया

rktvnews

चतरा:उपायुक्त ने जनता दरबार के माध्यम से आमजनों की समस्याएं सुनी।

rktvnews

खैरागढ़:भारतीय शास्त्रीय नृत्य विधाओं के सौंदर्य पक्ष से रू-ब-रू हुए खैरागढ़ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी, प्रदर्शनात्मक व्याख्यान संपन्न।

rktvnews

Leave a Comment