
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 सितंबर।आचार संहिता लागू होने के पहले बिहार सरकार शाहाबाद कमिश्नरी का निर्माण एवं मुख्यालय आरा में बने की घोषणा अगर नहीं करेगी तो शाहाबाद कमिश्नरी निर्माण संघर्ष समिति आंदोलन को और तेज करेगी ,यह बात संघर्ष समिति के संयोजक धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरा के होटल पार्क व्यू में कहीं , श्री सिंह ने बताया करो या मरो आंदोलन करने को संघर्ष समिति बाध्य हो जाएगी अगर यह मांग पूरी नहीं होती है तो। शाहाबाद के पुराने चार जिला भोजपुर बक्सर कैमूर एवं रोहतास कमिश्नरी बनने की सारी शर्तें पूरा कर रहा है आरा में घुड़सवार पुलिस का प्रांतीय कार्यालय है ,रिकॉर्ड रूम, संपूर्ण शाहाबाद का आरा में है जीएसटी एवं इनकम टैक्स का मुख्यालय आरा में है ,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का प्रधान कार्यालय आरा में है, सिंचाई विभाग एवं विद्युत विभाग के मुख्यालय आरा में है, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा मेडिकल कॉलेज भी आरा में है तथा पुरानी शाहाबाद जिले का मुख्यालय भी आरा में था तो तो फिर कमिश्नरी बनाने में एवं मुख्यालय आरा करने में सरकार क्यों पीछे हट रही है। उन्होंने की पूर्व में तीन जिला एवं दो जिला पर कमिश्नरी का निर्माण हुआ है लेकिन जो भी सरकारें आई उसके उदासीन रवैया के कारण शाहाबाद कमिश्नरी का निर्माण नहीं हो पाया। शाहाबाद की जनता कि यह लंबित मांग है फिर भी कोई भी सरकार पिछले 20 वर्षों में शाहाबाद कमिश्नरी का निर्माण नहीं कर पाई, कमिश्नरी नहीं बनने में मुख्य रूप से जनप्रतिनिधियों का उदासीन रहना प्रमुख कारण है। प्रेस वार्ता में भोजपुरी को अष्टम सूची में शामिल करने तथा आरा का सर्वांगीण विकास करने की चर्चा भी की गयी, प्रेस वार्ता में शामिल प्रमुख लोगों में भाई ब्रह्मेश्वर, अवधेश कुमार पांडेय, रामकुमार सिंह, अशोक कुमार मिश्रा, डॉ जितेंद्र शुक्ला ,यशवंत नारायण, छोटू सिंह, चंदन तिवारी, अभय विश्वास भट्ट ,डॉ राज पांडे एवं अन्य , संघर्ष समिति ने एक स्वर में 16 सितंबर 2025 को जेपी स्मारक के पास आयोजित महा धरना में शामिल होने के लिए शाहाबाद के नागरिकों से अपील किया।
