
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 सितंबर। शुक्रवार को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय में ‘हिंदी दिवस’ के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा ,’हिंदी भाषा में रोजगार के अवसर विषयक आलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छुट्टी के कारण आज ही यह आयोजन संपन्न हुआ। मंच संचालन हिंदी विभाग की सहायक प्रवक्ता डॉक्टर अंजु कुमारी ने किया। सर्वप्रथम महंत महादेवानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मंचासीन प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉक्टर नरेंद्र प्रताप पालित , इतिहास विभागाध्यक्ष एवं वर्षर, प्रो राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रण डॉक्टर मनोज कुमार, हिंदी विभाग की सहायक अध्यापिका डॉक्टर अंजु कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभाग द्वारा प्रधानाचार्य को पौधा देकर सम्मान किया गया। हिंदी विभाग की सेमेस्टर 5 की छात्रा जूही कुमारी ने भोजपुरी में सरस्वती वंदना कर शमा बांध दिया। उसके उपरांत छात्राओं जूही, जागृति,अंजलि , सुनिधि ने महाविद्यालय गीत प्रस्तुत किया। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉक्टर नरेंद्र प्रताप पालित ने अपने स्वागत भाषण में हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है इस पर प्रकाश डाला। इन्होंने बताया कि 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा से राजभाषा का दर्जा मिला,विभिन्न राज्यों में बोली जाने वाली तथा एकता के सूत्र में बांधने वाली हमारी लोकप्रिय भाषा हिंदी है। भारतीय सभ्यता संस्कृति और परंपराओं का हिस्सा है हिंदी। मातृभाषा का सम्मान हो, राष्ट्र गौरव बढ़े,इसके साथ-साथ कई देशों में भी हिंदी बोली जाती है इसका विकास प्रचार प्रसार बड़ा है जिससे वैश्विक स्तर पर भी हिंदी गोरवान्वित हो रही है।इसके बाद इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजीव कुमार ने त्रिभाषी सूत्र हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी पर अपना वक्तव्य दिया । उन्होंने अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए इस पर बल दिया। डॉक्टर अंजु कुमारी ने वैश्वीकरण के इस दौर में हिंदी की मांग किस प्रकार बड़ी है जिसके कारण रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हुई है इस पर अपना विचार रखा। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इसके उपरांत मंच संचालन की जिम्मेदारी सेमेस्टर 5 की छात्रा जूही कुमारी को दिया गया। प्रतियोगिता में सभी छात्रों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्रवक्ता डॉ रजनी नरसरिया व समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनामिका सिंह शामिल रही। निर्णय के परिणाम स्वरूप स्नातक सेमेस्टर 5 की छात्रा अंजली कुमारी एवं सुनिधि कुमारी को सम्मिलित रूप से तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया, सेमेस्टर 3 की छात्रा सिमरन कुमारी को द्वितीय पुरस्कार तथा प्रथम पुरस्कार सेमेस्टर 5 की छात्रा खुशी कुमारी को प्रदान किया गया। प्रधानाचार्य ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने हिंदी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करते रहने के लिए अपनी मांग रखी। अंत में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभाग के शिक्षक , शिक्षिकाएं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
