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बागपत:MSME नीति-2022 के तहत मिले पूंजीगत अनुदान के लाभ से बागपत में प्रदूषणमुक्त तरीके से बन रही ईंटें।

उद्योगों को मिल रहा बढ़ावा, बागपत में औद्योगिक माहौल हो रहा विकसित।

बागपत में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन गंभीर, जमीन पर उतर रहा निवेश, लोगों को मिल रहा रोजगार।

RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)05 सितम्बर। उत्तर प्रदेश सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 का लाभ अब बागपत जनपद में धरातल पर दिखाई दे रहा है। जनपद की पहली सौगा ब्रिक्स यूनिट इसका उदाहरण है, जिसने पूर्णतः ऑटोमेटेड मशीनों से प्रदूषणमुक्त ईंट निर्माण प्रारम्भ किया है। इस आधुनिक तकनीक आधारित इकाई में ईंट निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी धुएँ और प्रदूषण के होती है, जो पारंपरिक चिमनी आधारित भट्टों से बिल्कुल भिन्न है। यह न केवल पर्यावरण के लिए हितकारी है बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
इस इकाई को स्थापित करने में निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से बिजली, पानी आदि की एनओसी प्राप्त की गई। उद्योग विभाग इस पूरी प्रक्रिया का नोडल विभाग है। पूंजीगत अनुदान योजना के अंतर्गत इस इकाई को लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है, जिससे उद्यमी का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ। यह जनपद की पहली ऐसी इकाई है जो इस स्तर पर सरकारी सहयोग से स्थापित हुई है।
एमएसएमई नीति-2022 के प्रावधानों के अनुसार पश्चिमांचल क्षेत्र में सूक्ष्म इकाइयों को 20 प्रतिशत, लघु इकाइयों को 15 प्रतिशत और मध्यम इकाइयों को 10 प्रतिशत तक की पूंजीगत सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उद्यमियों को इसमें अतिरिक्त 2 प्रतिशत की छूट मिलती है। पूंजीगत अनुदान अधिकतम चार करोड़ रुपये प्रति इकाई तक सीमित है और यह दो किश्तों में दिया जाता है। पहली किश्त भवन निर्माण पूर्ण होने पर और दूसरी किश्त पचास प्रतिशत वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने पर प्रदान की जाती है।
योजना में ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी छूट, गुणवत्ता सुधार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाएँ भी सम्मिलित हैं। पश्चिमांचल क्षेत्र में स्थापित इकाइयों को स्टाम्प ड्यूटी पर 75 प्रतिशत छूट दी जाती है जबकि महिला उद्यमियों को पूरे प्रदेश में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसी प्रकार गुणवत्ता सुधार, पेटेंट व GI टैग पंजीकरण, पर्यावरणीय सुधार, सीईटीपी व शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली की स्थापना आदि पर भी सरकार द्वारा उदार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को उद्योग आधार पंजीकरण कराकर अपनी परियोजना रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला उद्योग केंद्र (DIC) में आवेदन प्रस्तुत करना होता है। पात्रता की पुष्टि और स्वीकृति के बाद लाभ सीधे उद्यमियों के खाते में दिया जाता है।
बागपत में सौगा ब्रिक्स यूनिट की स्थापना यह दर्शाती है कि सरकार की नीतियाँ अब धरातल पर प्रभावी रूप से उतर रही हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला उद्योग बंधु की बैठकों में इस योजना की नियमित अनुश्रवण की जाती है, ताकि उद्यमियों को समयबद्ध तरीके से सहयोग मिल सके। जिलाधिकारी और प्रशासन की गंभीरता का परिणाम है कि जनपद में उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक माहौल विकसित हो रहा है।
यह इकाई न केवल जनपद की पहली तकनीकी रूप से सुसज्जित प्रदूषणमुक्त ब्रिक्स यूनिट है, बल्कि आने वाले समय में अन्य उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। सरकार की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से जनपद बागपत अब उद्योग की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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