
उज्जैन/मध्यप्रदेश (अविनाश चतुर्वेदी) 13 अगस्त। श्री महाकाल महालोक में श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन आयोजित होने वाली श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या के 21 वे दिवस में प्रथम प्रस्तुति प्राची घारे नागर के एकल कथक की हुई।
जिसमें सुश्री प्राची द्वारा श्लोक कपूर गौरम की से अपनी प्रस्तुति का प्रारंभ किया। प्रस्तुति को आगे बढाते हुए श्री शंकराचार्य द्वारा रचित पंचाक्षर स्तोत्र नागेन्द्रहाराय…………, ताल तीन ताल में शुद्ध कथक में तोड़े, टुकड़े, परन, चक्करदार तोड़े, आदि प्रस्तुत किया। प्रस्तुति का समापन अर्धांग (अर्द्धनारीश्वर केन्द्रीत भाव पक्ष) से किया।
श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या के 21 वे दिवस की द्वितीय प्रस्तुति उज्जैन की संस्था ओम अनिका सांस्कृतिक संस्थान की निदेशिका सुश्री कशिश सितलानी के समूह कथक की हुई। कशिश सितलानी सहित संस्थान की नृत्यांगनाओं द्वारा गणेश वंदना, शिव वंदना, शिव तांडव, शास्त्रीय श्रावण नृत्य, अर्धांग, सती कथा व ताल, तीनताल, धमार, झपताल आदि की प्रस्तुतियाॅं हुई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नितेश गुप्ता, प्रबंधक, बैंक ऑफ बडौदा लखेरवाड़ी शाखा उज्जैन द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया।
दीपप्रज्जवलन के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की उप प्रशासक एवं डिप्टी कलेक्टर सिम्मी यादव द्वारा सभी गणमान्य अतिथि का दुपट्टा, प्रसाद व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा प्रस्तुति हेतु पधारे सभी कलाकारों एवं सहयोगी कलाकारों का दुपट्टा, प्रसाद व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर स्वागत व सम्मान किया गया। मंच संचालन श्री प्रशांत त्रिपाठी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा श्री महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के समीप स्थित मंच पर सायं 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक प्रस्तुतियाॅं दी जाएगी।
