
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)06 अगस्त।आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना द्वारा आर्थिक एवं साइबर अपराध की रोकथाम, अनुसंधान, साईबर जागरूकता एवं अनुश्रवण हेतु बिहार राज्य की राज्य स्तरीय नोडल एजेन्सी एवं विशिष्ट इकाई है। आर्थिक अपराध इकाई द्वारा हाल ही में साइबर अपराध पर की गई सफल कार्रवाईयों से Sophisticated अंतर्राष्ट्रीय एवं अंतर्राज्यीय सीम बॉक्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। जाँच एवं अनुसंधान के क्रम में साइबर अपराध के संगठित अपराध समूहों द्वारा अपनाई जा रही जटिल तकनीकों का पता चला है। ये संगठित समूह वृहद स्तर पर दूरसंचार बाईपास धोखाधड़ी में संलिप्त है जिससे देश एवं दूरसंचार प्रदाताओं को भारी राजस्व की हानि हो रही है साथ ही साइबर अपराध की एक वृहद श्रृंखला जैसे वित्तीय अपराध, डिजिटल अरेस्ट एवं अवैध अंतर्राष्ट्रीय VOIP Calls को बढ़ावा मिल रहा है।
बढ़ते खतरे की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना द्वारा सभागार कक्ष में बुधवार को दूरसंचार विभाग एवं सभी दूरसंचार सेवा प्रदाता कम्पनियों (TSPs) के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता नैयर हसनैन खान, अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई एवं गोष्ठी का मार्गदर्शन संजय कुमार, पुलिस उप-महानिरीक्षक (साइबर), मानवजीत सिंह ढिल्लों, पुलिस उप-महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना द्वारा किया गया। इस उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में अन्य निम्नांकित पदाधिकारीयों में l
अमरकेश डी०, पुलिस अधीक्षक, (प्रशिक्षण, पोर्टल एवं समन्वय), आ०अप०ई०, विनय तिवारी, पुलिस अधीक्षक, (साइबर अनुसंधान एवं अभियान), आ०अप०ई०, राजीव रंजन, निदेशक (सुरक्षा), दूरसंचार विभाग, पटना, जियो/एयरटेल / बी०एस०एन०एल०/वोडा आईडिया के नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य साइबर अपराध की बदलती प्रवृत्तियों, जटिलताओं विशेषकर SIM BOX से धोखाधड़ी पर चर्चा, एवं अवैध संचार नेटवर्क की बढ़ती घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा TSPS और LEA (Law Enforcement Agencies) के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाना था।
बैठक का शुभारंभ करते हुए ADG ने सभी नोडल पदाधिकारियों का स्वागत किया एवं साइबर सुरक्षा के वर्तमान वैश्विक और स्थानीय परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए साइबर अपराध के बदलते नवीनतम तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने TSPS और DoT अधिकारियों को सेंसेटिव करते हुए यह बताया कि कुछ लूपहोल्स एवं लापरवाहियाँ राज्य की सुरक्षा, नागरिकों की गोपनीयता तथा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से सुपौल में उजागर हुए अंतरराष्ट्रीय SIM Box Fraud का उल्लेख किया, जिसमें विदेशी साइबर एजेंट्स, अवैध सीम कार्ड आपूतिकर्ता नेटवर्क और चीनी, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों के नेटवर्क की संलिप्तता सामने आई है। इस पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में संभावित चुनावी गतिविधियों के मद्देनजर यह अत्यंत आवश्यक है कि सिस्टम में किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो और सभी संवेदनशील सूचनाओंकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके लिए TSP और DOT को आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना के साथ निरन्तर समन्वय बैठक का आयोजन करना होगा।
बैठक में 31.08.2023 को DOT द्वारा जारी दिशानिर्देशों के पालन पर बल देते हुए TSPS को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी PoS (Point of Sale) केंद्रों का पंजीकरण, बायोमेट्रिक सत्यापन, तथा SIM वितरण की सप्लाई चेन में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी फर्जी या अनाधिकृत PoS गतिविधि न हो और डेटा की रीयल टाइम उपलब्धता इस इकाई को दी जाए। साथ ही नोडल पदाधिकारी को DOT द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप DO’s & Don’ts के साथ साथ वर्तमान नियम के अनुपालन के लिए Advisory भी दिये गये।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी द्वारा SIM Box फ्रॉड पर आधारित एक विस्तृत पी०पी०टी० प्रस्तुति दी गई, जिसमें नवीनतम तरीके से किये जाने वाले साईबर फ्रॉड की कार्यप्रणाली, विदेशी नेटवर्क का संलिप्तता, एवं सिम आपूर्ति नेटवर्क में लूपहॉल्स तथा क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान तंत्र पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि SIM फ्रॉड के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट स्कैम, VOIP Call Fraud जैसे अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे राजस्व हानि के साथ-साथ आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
बैठक के अंतर्गत TSPS की जिम्मेदारी को परिभाषित करते हुए ADG महोदय ने निर्देश दिया कि तत्काल प्रभाव से सभी कंपनियाँ PoS Distributors एवं Agents को पुनः सत्यापित करे, SIM कार्ड वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाएँ, तथा साइबर अपराध से जुड़े हर संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को समय पर दें। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब प्रभावी निगरानी एवं कठोर कार्यवाही के माध्यम से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।
बैठक में DOT, TSPS और पुलिस के बीच समन्वय हेतु दो उप-समूह (Sub-Groups) के गठन का निर्णय लिया गया, जो बदलते साइबर अपराध के दौर में नियमित संवाद, तकनीकी समाधान तथा रणनीतिक योजना पर कार्य करेंगे।
बैठक के समापन पर DIG Cyber संजय कुमार द्वारा सभी उपस्थितों को संबोधित किया गया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के विरुद्ध लड़ाई में पुलिस, DOT एवं TSPs के बीच सशक्त भागीदारी ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने सतत सहयोग, निगरानी, त्वरित कार्रवाई, तथा सभी स्तरों पर जागरूकता अभियान की आवश्यकता पर बल दिया।
अंततः यह बैठक साइबर अपराध के उन्मूलन हेतु एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई जिसमें सभी हितधारकों ने साझा दायित्व निभाने का संकल्प लिया।
