
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 जुलाई।मंत्रिमंडल सचिवालय, बिहार सरकार के अधीन उर्दू निदेशालय के तत्वावधान में जिला स्तरीय फ़रोग़-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का सफल आयोजन नागरी प्रचारिणी सभागार में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक समाहर्ता सैयद अदील मोहसिन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी, अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अनुवाद पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि सैयद अदील मोहसिन ने अपने संबोधन में कहा, “उर्दू हिंदुस्तान की ज़बान है, जो यहीं पली-बढ़ी है और इसे मोहब्बत की ज़बान माना जाता है। हमें मिलकर इसके संरक्षण और विकास के लिए प्रयास करने चाहिए, ताकि यह भाषा जन-जन तक पहुँचे।” अन्य अधिकारियों ने भी उर्दू भाषा की ऐतिहासिक भूमिका, सामाजिक समरसता में योगदान, तथा इसके व्यावहारिक महत्व पर विचार साझा किए। उन्होंने उर्दू के संवर्द्धन हेतु निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस आयोजन में भोजपुर जिले के सभी उर्दू अनुवादक व कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से नाज़िश तलत, अंदलीब उमर, रहीमा नाज़, शहबाज़ अख्तर, हसन आरिफ, ताबिश, कौसर जहाँ, मोहम्मद इब्राहीम तथा निज़ामुद्दीन सहित अन्य कर्मचारी सम्मिलित रहे, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का सराहनीय ढंग से निर्वहन किया।कार्यक्रम का समापन जिला उर्दू पदाधिकारी असमा खातून द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
