
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 जून।पुराना शाहाबाद धार्मिक सांस्कृतिक ऐतिहासिक और साहित्यिक गतिविधियों की जननी रही है।जिसके मिट्टी से निकले विभूतियों ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। आरा भोजपुर के उत्तरी गंगा तट क्षेत्र के चर्चित भोजपुरी के जाने-माने गीतकार एवं कहानीकार कुमार अजय सिंह ने “भोजपुरी नवग्रह चेतना” नामक पुस्तक की रचना की है।इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा ने रचनाकार कुमार अजय से जानकारी प्राप्त की। इन्होंने बताया कि पुस्तकों की रचनाएं अलग-अलग बिंदुओं पर की गई लेकिन भोजपुरी में धार्मिक पूजा पाठ पद्धतियों पर नहीं है।जबकि प्राचीन काल से भोजपुरी भाषा, शब्दों का उपयोग किया जा रहा है। भोजपुरी भाषा को आठवीं सूची में जोड़ने के लिए मांग वर्षों से लंबित है। भोजपुरी भाषा के शब्दों का धार्मिक ग्रंथों,वेद ,पुराण,महाभारत रामचरितमानस में असंख्य शब्दों का उपयोग है।इस भाषा को ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए प्रमाणिकता के साथ लिखकर मजबूती प्रदान की है।इसके लिए जिसकी सराहना जीतना भी किया जाए वो कम होगा। जिसको लेकर भोजपुरी समाज के प्रबुद्ध लोग एवं जन-जन में खुशी है। इन्होंने बताया की ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर 11 जुन 2025 को एकवना घाट बड़हरा भोजपुर में दर्जनों लोग के उपस्थिति में श्री चतुर्भुज भगवान, शंकराचार्य मठ, शीतला माता काली मंदिर, सहित घर के देवी-देवता के चरणों में चरणार्पण करते हुए जनसमुदाय को सुपूर्द किया गया। इस पुस्तक का भूमिका लिखे हैं भारत देश के जाने-माने लेखक डॉ जौहर शफिया बादी रायपुर एवं आशीर्वाद स्वरुप शब्द संसोधन किये हैं प्रो दिवाकर पाण्डेय अध्यक्ष भोजपुरी विभाग वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा तथा आशीर्वाद दिया है महामंडलेश्वर श्री आशुतोषानंद गिरि जी कैलाश मठ वाराणसी। डिजाइनर मनोज एवं निशिकान्त हैं, मुद्रक हैं ज्ञान गंगा क्रियेशन्स पटना बिहार।
