RKTV NEWS/अतुल प्रकाश,01 मई। सर्विसेज की कठिन परीक्षाओं में से एक है IAS।आईएएस बनने के लिए काफी मेहनत करनी पडती है. ऐसी ही मेहनत करके *एक कुली का काम करने वाले युवा जी कृष्णैया ने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईएएस बन गये बाद में उन्हें बिहार के गोपालगंज के डीएम की जिम्मेदारी मिली, लेकिन यहीं उनकी हत्या हो गई। आइए जानते हैं उस अफसर के बारे में, जिसकी हत्या के आरोप में बिहार के बाहुबली आनंद मोहन को सजा हुई थी और अब उनकी रिहाई हो गई है…
आईएएस जी कृष्णैया ने नौकरी के साथ आईएएस परीक्षा की तैयारी की थी। सिविल सर्वेंट्स की नौकरी आसान नहीं होती है. इन्हें बाहुबलियों, नेताओं, गुंडों-डकैतों तक से डील करना पड़ता है. किसी मामले में फंस जाने पर इनके साथ ही इनके परिजनों पर भी खतरा मंडराने लग जाता है. बिहार कैडर के आईएएस जी कृष्णैया अपनी मौत के 28 साल बाद फिर चर्चा में हैं.
एक समय था, जब बिहार में वहां के बाहुबलियों का डंका बजता था. आम पब्लिक के मन में उनका डर बना रहता था. पिछले कुछ महीनों से बिहार की सियासत में एक पुराना नाम फिर से गूंज रहा है. हम बात कर रहे हैं पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की. इनके साथ ही आईएएस जी कृष्णैया भी सुर्खियों में छा गए हैं. जी कृष्णैया बिहार के गोपालगंज के डीएम थे, जिन्हें 1994 में भीड़ ने मार डाला था.
अब हमें चयन करना है कि हमारा नायक कौन है? कुली से आईएएस बना डीएम कृष्णैया या बाहुबली जातिवादी सामंतवादी वर्चस्व वादी नेता आनंदमोहन?
( लेखक – अतुल प्रकाश, पेशे से सिविल कोर्ट आरा में अधिवक्ता हैं अखिल भारतीय जनहित परिवार के संचालक हैं)
