RKTV NEWS/अनिल सिंह,01 मई।आज 01 मई को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ, प्रदेश इकाई के आह्वान पर भोजपुर इकाई के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अध्यापक नियमावली 2023 के विरुद्ध प्रतिरोध मार्च निकाला गया। प्रतिरोध मार्च रमना मैदान से शुरू होकर रेड़ क्रौस चौराहा होते हुए जेपी स्मारक के रास्ते जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। मार्च का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटु एवं संचालन प्रधान सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटु ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी नियमावली 2023 के वजह से शिक्षक बोर्ड की जगह रोड़ पर पहुँच गए हैं।
महागठबंधन की सरकार बनने के पश्चात शिक्षकों में एक उम्मीद जगी थी कि सरकार अपने पूर्व के वादे के अनुरूप समान काम- समान वेतन की घोषणा करेगी लेकिन इसके ठीक विपरीत शिक्षकों की छंटनी करने के उद्देश्य से बीपीएससी से परीक्षा लेने का नया फरमान जारी कर दिया गया। नियोजित शिक्षकों के स्थानांतरण, स्नातक प्रोन्नति, प्रधानाध्यापक में प्रोन्नति , कालबद्ध प्रोन्नति, मृत शिक्षक के आश्रित को मुआवजा की राशि एवं अनुकंपा का लाभ, पुरानी पेंशन योजना को लागु करने जैसे अन्य मुद्दों को लेकर सदन में नई नियमावली के तहत सरकार द्वारा सुधारने की बात कही गई थी। प्रधान सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार के पास अभी भी समय है, नियमावली में जल्द सुधार कर पूर्व के सभी नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी में समायोजन करने की घोषणा करें वरना 2024 एवं 2025 उनके लिए घाटे का सौदा हो सकता है ।
प्रतिरोध मार्च के पश्चात संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नामित ज्ञापन जिला कल्याण पदाधिकारी, भोजपुर को सौपा गया। प्रतिरोध मार्च में संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटु,प्रधान सचिव राजेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रसाद, उपाध्यक्ष परमेश्वर पासवान, नन्दकिशोर सिंह, सदाकत हुसैन, संजय कुमार सिंह , इन्दु श्रीवास्तव, सचिव महेश रजक, प्रखण्ड अध्यक्ष क्रमशः निर्भय कुमार सिंह,किंग अभिषेक क्षत्रप,अरुण कुमार सिंह उर्फ गोरखनाथ सिंह, संतोष कुमार,विजय कुमार, लालबाबु यादव, संजय कुमार, प्रखण्ड सचिव मोहम्मद आफताब अहमद, विजय कुमार, हरेन्द्र कुमार, जय बिहारी राम,जितेंद्र भगत, जयप्रकाश ठाकुर, जगदीशपुर महासचिव चन्द्रदेव कुमार सिंह, शिक्षक कपिलदेव राय, अनिल कुमार, उमाशंकर सिंह,सरफराज फिरदी, मोहम्मद कलाम, राजु जी, विनय कुमार यादव,राजेश कुमार रंजन, शशिभूषण पाल, सत्येंद्र कुमार, संजय कुमार,कमलेश ओझा, सच्चिदानंद सिन्हा, सत्येंद्र कुमार, जयमंगल यादव, अजीत पाल,अभय कुमार, मोहम्मद मोईन अहमद, शीला कुमारी, आनन्द कुमार सिंह, अखिलेश कुमार, अवधेश सिंह,सहित सैकड़ों शिक्षक शमिल थे।

