
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)31 अगस्त ।शिव मंदिर, न्यू पुलिस लाइन में दैनिक राम कथा सत्संग के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातनशक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य (डॉ) भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि स्वर्ग की प्राप्ति शुभ कर्मों से तथा शुभ कर्मों की प्राप्ति श्रीराम कथा से होती है।उन्होंने कहा कि जो अपनी देह, इंद्रियों आदि के सुखों के लिए ही तत्पर हो वह असुर होता है जबकि संपूर्ण प्राणियों के सुख के लिए तत्पर रहनेवाले देवता कहलाते हैं।श्रीराम संपूर्ण लोकों को सुखी करनेवाले हैं जबकि रावण सभी को रुलाने वाला है।आचार्य ने कहा शील, सदाचार, सत्संग, सन्मार्ग का सेवन कर ही जीवन को धन्य किया जा सकता है। रामकथा और रामायण से जीवन को उज्ज्वल करनेवाले दैवीय गुण और लोक-परलोक में आनन्द प्राप्त होते हैं।समारोह में पूर्व प्राचार्य बृजबिहारी सिंह, त्रिलोकी नाथ सिंह, श्रीराम तिवारी,एस के सिंह, मुरारी मोहन ओझा,केशव ठाकुर, चंद्रवंश ओझा,विद्याधर प्रसाद, ब्रजकिशोर पांडेय, संजय पाठक,गौतम सिंह, संजय नाथ,निलेश कुमार आदि प्रमुख लोगों ने सहयोग किया।कार्यक्रम का संचालन मधेश्वर नाथ पांडेय ने किया।
