
पटना/बिहार ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)31 अगस्त।महान राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राजभवन, पटना में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विश्व हिंदी परिषद, नई दिल्ली की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति ने की। संगोष्ठी में आमंत्रित सदस्य के रूप में निर्वाचित सीनेटर एवं निर्वाचित वित्त समिति सदस्य, स्नातकोत्तर हिंदी विभाग, आरा, प्रो. डॉ. नीरज कुमार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व, राष्ट्र के सशक्तीकरण के लिए उनके योगदान तथा उनके बलिदान पर अपने विचार रखे।प्रो. डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और मजबूती के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और राष्ट्रहित में किए गए कार्य आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने राष्ट्रभाषा हिंदी के उन्नयन, विकास और उसे विश्व भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी अपने विचार स्पष्टता और दृढ़ता के साथ रखे। उनके संबोधन का उपस्थित बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, लेखकों, कवियों, राजनेताओं, कुलपतियों, राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं अन्य श्रोताओं ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
