
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)25 अगस्त।चंपारण आंदोलन के प्रणेता, किसानों के मसीहा और स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम योद्धा पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती पर बिहार सरकार की घोषणाओं से ब्रह्मभट्ट समाज में खुशी की लहर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले वर्ष से पंडित राजकुमार शुक्ल जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने तथा उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है।
वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पंडित राजकुमार शुक्ल की जीवनी को बिहार सरकार की पाठ्य-पुस्तकों में शामिल करने तथा कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने उनकी स्मृति में संग्रहालय बनाने की घोषणा की। समाज के लोगों ने इन घोषणाओं को ऐतिहासिक और सराहनीय कदम बताया है।
सामाजिक कार्यकर्ता अभय विश्वास भट्ट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लंबे अरसे बाद बिहार सरकार द्वारा की गई ये घोषणाएं ब्रह्मभट्ट समाज की एकजुटता और वर्षों के संघर्ष की सफलता का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार स्मृति संस्थान पिछले 10 वर्षों से इन मांगों को लेकर संघर्षरत था। 151वीं जयंती पर सरकार की घोषणा से समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री एवं बिहार सरकार के प्रति आभार जताया है।
महात्मा गांधी को पहली बार बिहार लाने और उन्हें महात्मा की उपाधि देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंडित राजकुमार शुक्ल लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में अपेक्षित स्थान नहीं पा सके। अब उनकी जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल होने से नई पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले सकेगी।आभार जताने वालों में डॉ. कुमार भरत, दिलीप कुमार पंकज, असीम कुमार टुनटुन, मनोरंजन राय, उदय भट्ट, पुटुस, अमरेश राय, खुशबु भट्ट समेत कई लोग शामिल हैं।



