RK TV News
खबरें
Breaking News

भोपाल :संग्रहालय को जीवित रखने के लिये नवाचार करते रहना जरूरी है : शशांक

राजुरकर के जिद और जुनून ने उनको शिखर पर पहुंचाया। “एक कम साठ राजुरकर राज” पुस्तक वामनकर जी का श्रेष्ठ रिसर्च कार्य है – गोकुल सोनी

एक कम साठ राजुरकर राज लिखना आसान नहीं,ये काम वामनकर जी ने जिस मेहनत के साथ किया है वो प्रणम्य है – वी के श्रीवास्तव

भोपाल/मध्यप्रदेश( मनोज कुमार प्रसाद)15 फरवरी।आज दुष्यन्त कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में संग्रहालय के संस्थापक राजुरकर राज की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर संग्रहालय के अध्यक्ष रामराव वामनकर द्वारा लिखी पुस्तक एक कम साठ राजुरकर राज पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूरदर्शन के पूर्व अपर महानिदेशक शशांक जी ने की। मुख्य अतिथि थे वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी। वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश पटवा और वी के श्रीवास्तव ने एक कम साठ राजुरकर राज पर समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर विमल भंडारी,जया आर्य,जवाहर कर्नावट, आलोक त्यागी,महेश सक्सेना, बिहारी लाल सोनी अनुज, विमल कुमार शर्मा और सुभाष वाड़वुदे ने राजुरकर राज को याद करते हुए अपने संस्मरण सुनाये।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में शशांक जी ने कहा कि यह संग्रहालय एक जीवंत संस्थान है। राजूरकर राज के अथक प्रयासों और मेहनत ने इसे राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय की जीवंतता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि यहां पर नवाचार किया जाए उन्होंने संग्रहालय की पत्रिका आसपास का जिक्र करते हुए कहा कि इसका पुनर्प्रकाशन करना भी जरूरी है इसके अलावा संग्रहालय में और भी विचारात्मक आयोजन किए जाने चाहिए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गोकुल सोनी ने पुस्तक के अनेक संस्मरण सुनाते हुए इस पुस्तक के बारे में कहा कि यह राजुरकर राज के व्यक्तित्व – कृतित्व को लेकर एक ऐसी खुली किताब है जिससे राजुरकर के और उनके परिवार के बारे में जाना जा सकता है ।इस अवसर पर वी के श्रीवास्तव ने अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी में कहा कि यह किताब लिखना इतना आसान नहीं था क्योंकि किसी व्यक्ति के बारे में लिखने के लिए जितनी संवेदनशीलता चाहिए उतनी ही उसके बारे में गहराई से जानने की जिज्ञासा भी। सुरेश पटवा जी ने भी इस किताब को लेकर अपना महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया उन्होंने राजुरकरके गांव के सफ़र से लेकर अंतिम सफर तक की यादों को श्रोताओं के साथ साझा किया। इस अवसर पर राजूरकर राज के साथ आकाशवाणी में काम करने वाली जया आर्य ने उनके और राजुरकर के संबंधों पर प्रकाश डाला। जवाहर कर्णावत ने भी राजुरकर राज के व्यक्तित्व – कृतित्व के बारे में उल्लेखनीय जानकारियां दी। इसके अलावा बिहारी लाल सोनी अनुज, महेश सक्सेना ,विमल कुमार शर्मा और आलोक त्यागी ने राज जीवटता,मेहनत,लगन को लेकर कई प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम मैथिल अमृत ने किया ।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संग्रहालय के अध्यक्ष रामराव वामनकर ने दिया एवं आभार संग्रहालय के पूर्व अध्यक्ष अशोक निर्मल ने व्यक्त किया।

Related posts

देवघर:स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सदर अस्पताल को विभिन्न आधुनिक उपकरण बाबा बैद्यनाथ कल्याण कोष से : उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा

rktvnews

मध्यप्रदेश को दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रथम पुरूस्कार।

rktvnews

भोजपुर:5 बिहार बटालियन राष्ट्रीय कैडेट कोर का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन।

rktvnews

भोजपुर : श्री त्रिदंडी देव राजकीय डिग्री कालेज मे मना विश्व पर्यावरण दिवस।

rktvnews

पटना:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गर्दनीबाग स्थित निर्माणाधीन ऑफिसर्स इनक्लेव का किया निरीक्षण।

rktvnews

मध्यप्रदेश:मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिता पूनमचंद यादव का निधन।

rktvnews

Leave a Comment