
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)25 अगस्त।राज्य के विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान एवं शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के उद्देश्य से संचालित ‘विद्यार्थी सहयोग’ पहल के तहत आज अभियंत्रण महाविद्यालय, आरा में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। शिविर में जिला पदाधिकारी, भोजपुर मनेश कुमार मीणा पहुंचे तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों की जानकारी ली।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, तकनीकी संसाधनों, छात्रावास, परीक्षा व्यवस्था, करियर एवं प्लेसमेंट सहित विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी समस्याओं एवं सुझावों से जिला पदाधिकारी महोदय को अवगत कराया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि ‘विद्यार्थी सहयोग’ विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुनने, उनके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों के सुझावों को शामिल करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए जायज विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, बेहतर प्रयोगशाला एवं आवश्यक तकनीकी सुविधाएं विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक को महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में उपयोगी माना जाएगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं महाविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए विषयों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 17 अगस्त 2026 को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल के माध्यम से संबंधित सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों के वास्तविक छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में अपने सुझाव भी दे सकते हैं।
‘विद्यार्थी सहयोग’ पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों और संबंधित संस्थानों के बीच संवाद को प्रभावी बनाते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए अनुकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।



