संभावना में चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन।
कार्यशाला के अंतिम दिन प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित।
चार दिवसीय कार्यशाला में बच्चों ने 1120 राखियों का किया निर्माण।
प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना रहा पीडिया कला पर आधारित राखी।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)25 अगस्त।शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में मंगलवार को चार दिवसीय मेकिंग राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन हुआ। संभावना स्कूल एवं सर्जना न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, राखी मेकिंग कार्यशाला में वर्ग 6 से लेकर 12वीं तक के 150 बच्चों ने भाग लिया। उद्घाटन जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया एवं विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। स्वागत गान विद्यालय की छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर अतिथियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी का स्वालोकन किया गया। मुख्य अतिथि कला संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया ने कहा कि राखी प्रदर्शनी अद्वितीय है। प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी छिपी प्रतिभा को उकेरा है। राखी मेकिंग कार्यशाला का जो उद्देश्य है, वह काफी सुंदर व भावनात्मक है।
सरहद पर तैनात फौजी भाइयों को राखी भेज कर विद्यालय में विद्यालय के बच्चों ने मिसाल कायम किया है। फौजी भाई विषम परिस्थितियों में हमारी रक्षा करते हैं, उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के बाद आपको लाइफ की प्रतियोगिता का जंग जीतना है। अभी से लक्ष्य का निर्धारण करें, जिस विषय में आपकी रुचि हो, उसी का चयन करें। मेहनत करें और धैर्य रखें। असफलता ही सफलता की सीढ़ी है। विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह ने कहा कि पहले रक्षाबंधन पर फौजी भाइयों को राखी काफी दिनों के बाद मिलता था। पहले के मुकाबले आज का दौर बदल गया है। अब बहुत जल्द ही राखी मिल जाता है। फौजी भाइयों को राखी भेजना गर्व की बात है। नाबार्ड की डीडीएम सुरभि ने कहा कि बच्चों ने काफी मेहनत कर अपनी कला को प्रदर्शित किया है। संभावना विद्यालय बच्चों में छिपी प्रतिभा को उभारने में प्रयासरत है। अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला में 1120 राखियों का निर्माण हुआ, जिसमें कला शिक्षक विष्णु शंकर एवं संजीव सिन्हा ने काफी मेहनत किया। पिछले डेढ़ दशक से यह कार्यशाला आयोजित हो रहा है। विद्यालय परिसर में ही बच्चों द्वारा निर्मित राखियों की प्रदर्शनी लगाई गई।
संभावना का उद्देश्य यहां के बच्चे कार्य कुशल हो। इस विद्यालय ने अब तक अनेको आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर, डॉक्टर, आईआईटियन एवं फौजी जवानों को तैयार किया है। स्वागत करते हुए प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि प्रत्येक पर्व किसी न किसी रिश्ते से जुड़ा होता है।
हमारे देश की सरहद पर वैसे फौजी भाई भी तैनात रहते हैं, जो विषम परिस्थितियों में वतन के साथ-साथ हमारी रक्षा करते हैं। हम बहनें भी फौजी भाइयों को राखी भेज कर अपनी भावना को प्रदर्शित करती हैं। संचालन वरीय शिक्षक अरविंद ओझा एवं धन्यवाद ज्ञापन कला शिक्षक संजीव सिन्हा ने की। कार्यक्रम के दौरान स्वागत गीत अन्यया केसरी, अर्पिता, सारिका सिंह, आकांक्षा कुमारी, सिक्षम, सलोनी, वंदना, साक्षी, माही, सोनाक्षी, जाहन्वी, आस्था कुमारी, वैष्णवी शर्मा एवं अक्षरा कुमारी रही। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहें।
आकर्षण का केंद्र बना रहा पीडिया कला पर आधारित राखी
प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह में सबसे आकर्षक का केंद्र रहा भोजपुरी कला पीडिया पर आधारित राखी। बच्चों द्वारा निर्मित विभिन्न राखियों पर भोजपुरी कला पीडिया का दर्शाया गया था।
चित्रकार संजीव सिन्हा द्वारा भोजपुरी कला पीडिया पर आधारित राखी बच्चों से बनवाया। समारोह के दौरान अतिथियों को भी भोजपुरी कला पीडिया पर आधारित राखी का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।







