
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 फ़रवरी।विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर महाराजा कॉलेज, आरा के पी.जी. भूगोल विभाग द्वारा शाहपुर प्रखंड स्थित सुहिया भंगर आर्द्रभूमि के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्द्रभूमियों के भौगोलिक एवं पारिस्थितिकीय महत्व की प्रत्यक्ष जानकारी देना तथा इनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ जैव विविधता संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।आर्द्रभूमियों को होने वाले शहरीकरण, प्रदूषण और अतिक्रमण जैसी चुनौतियों पर चर्चा की और इनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. द्वीपिका शेखर सिंह ने भौगोलिक अध्ययन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रायोगिक ज्ञान, सैद्धांतिक अध्ययन को और अधिक प्रभावी बनाता है तथा छात्रों को पर्यावरण और भौगोलिक अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।
इस शैक्षणिक भ्रमण में डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. रविशंकर तिवारी और अजीत सिंह ने भी भाग लिया और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र, जल सुरक्षा और सतत विकास में आर्द्रभूमियों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण स्थानीय जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।
