
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 फ़रवरी।कथक सम्राट पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज की जयंती के अवसर पर शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक द्वारा ‘रागरंग पंचमी’ का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ तालशास्त्री तबला गुरु राणा प्रताप सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । इस अवसर पर “पंडित बिरजू महाराज एक महान व्यक्तित्व” पर परिचर्चा हुई।परिचर्चा में गुरु बक्शी विकास ने कहा कि पंडित बिरजू महाराज संगीत के संपूर्ण व्यक्तित्व हैं। संगीत की तीनों विधाओ गायन वादन एवं नृत्य के संगम का नाम बिरजू महाराज है । वही राणा प्रताप सिन्हा ने कहा कि कथक के क्षेत्र में महाराज जी का योगदान अमूल्य एवं अद्वितीय है । महाराज जी ने अपनी कला कौशलता से कथक को एक नई दिशा दी है। भारत सरकार को महाराज जी के लिए भारत रत्न सम्मान से अलंकृत करना चाहिए । कार्यक्रम में अन्य वक्ताओ ने महाराज जी के व्यक्तित्व को न भूतो न भविष्यति बताया । लक्ष्मी, सागर व विद्या ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में विदुषी बिमला देवी ने राग दुर्गा में ख्याल प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । वही गुरु बक्शी विकास एवं शिष्य सूरज कांत पांडेय ने तबला की युगलबंदी से समां बाँधा । श्रेया पांडेय ने राग विहाग में झपताल एवं तीन ताल की बंदिश प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी । वही अमित कुमार एवं राजा कुमार ने युगल कथक में स्तुति, आमद, परन, लरी प्रस्तुत कर तालियां बटोरी । स्नेहा पांडेय, सिद्धि, राका व हंसिका ने होली नृत्य प्रस्तुत किया । महेश यादव ने राग कोमल ऋषभ आसावरी में बंदिश प्रस्तुत किया । राणा प्रताप सिन्हा ने तबला संगत से अद्भुत रंग बिखेरा । आदित्या श्रीवास्तव ने ठुमरी “बाली उमर लड़ीकईयां ना छेड़ो सैया” पर नयनाभिराम भाव अभिनय प्रस्तुत किया । अजीत पांडेय ने दादरा व ठुमरी गायन से दर्शकों को झुमने पर मजबूर कर दिया।मंच संचालन रविशंकर एवं धन्यवाद ज्ञापन सोनी जैन ने किया ।
