नव वर्ष
नव वर्ष दे रहा दस्तक लेकर नए संकल्प औ विश्वास
सब हों सुखी, सब हों खुशहाल
मन मे है विश्वास, औ प्रार्थना भी है साथ
जाने वाला वर्ष, था बहुत उदास,
नयन थे भीगे उसके, मन था घायल
लंबे चलते युद्ध से था वो बेहाल,
बार बार वो पूछे हमसे एक सवाल
नव वर्ष मे ना तुम करना मानवता को तार तार
धरती हमारी हरी भरी हो, हो खुशियों की बरसात
जन जन का निर्मल हो मन,
राम राज्य सा मुदित हो
हर घर आँगन।


