
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 जनवरी।प्रतिभा खोज समिति कोईलवर प्रखंड आरा के तत्वावधान में मंगलवार को गरीब कमजोर और लाचार लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया।यह आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र के चयनित कमजोर मुसहर जाति, लाचार लोगों को खासकर महिलाओं को बढ़िया कंबल वितरित किया गया। समिति के संस्थापक पूर्व नजीर आनंद मोहन सिंह ने बताया कि इस बार सुखवा लख मंदिर पर चयनित साठ पुरुष और महिलाओं को कंबल दिया गया जिसका नेतृत्व कर रहे वहां के स्थानीय कार्यकर्ता चांद देव राम, प्रतिरोध कुमार और चेतन कुमार के सहयोग से जरूरतमंदों का नाम चयनित किया गया था। इस अवसर पर स्थानीय कई गांवों के लोगो ने आकर कंबल प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद देवराव ने किया , संचालन समिति के सचिव डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने किया। संस्थापक ने बताया कि हमारा लक्ष्य रहता है कि जरूरतमंदों को सामान जरूर मिले। इन्होंने समिति के अन्य गतिविधियों पर भी अपने विचार को रखा और सबको अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित भी किया इन्होंने बताया कि पढ़ने वाले मेधावी बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान करूंगा ।
इस अवसर पर समिति के सुरेंद्र पटेल, संजय जी आदि रहे और कंबल वितरित करने में सहयोग किया।
इसके बाद कोरी गांव में कंबल वितरण डा जे एन उपाध्याय, राज कुमार तिवारी और जंग बहादुर यादव द्वारा चयनित लोगों को पंक्तिबद्ध बैठाकर और सूचीबद्ध नाम के अनुसार वितरण का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।इस आयोजन की अध्यक्षता पूर्व सरपंच लाल बाबू सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में फौजी ब्रजेश तिवारी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभा खोज समिति कोईलवर प्रखंड भोजपुर आरा के संस्थापक आनंद मोहन सिंहा ने बताया कि समिति कई बरसों से निर्धन और मेधावी छात्र-छात्राओं को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में मदद करती है और पढ़ाने का कार्य करती है। उसी क्रम में कमजोर और निर्धन लोगों को भी प्रतिवर्ष लगभग 8 वर्षों से कंबल वितरण का काम करती है। मेरे दोनों पुत्र इंजीनियर पीयूष कुमार (अमेरिका) तथा दूसरा पुत्र डेंटल सर्जन डॉक्टर प्रतीक कुमार के सौजन्य से होता है। इन्होंने बताया कि हम सभी रेड क्रॉस से जुड़कर रक्तदान जैसा महान काम भी करने के लिए प्रतिबद्ध है ।उसके साथ-साथ अगर किसी निर्धन और गरीब लोगों को दांत की चिकित्सा अगर करानी है तो निशुल्क सेवा हमलोग देते है। इन्होंने बताया कि कोरी मेरी जन्मभूमि है और उसकी याद करके हम यहां आते हैं केवल सहयोग और जन जागृति के लिए। इन्होंने कहा की शिक्षा ही जीवन को आगे बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा माध्यम है ।उसके लिए मैं सहयोग करने के लिए तैयार हूं और प्रतिवर्ष आता हूं। मुझे कोई राजनीति और वोट से लेना देना नहीं है ।हम सभी प्रतिभा खोज समिति के माध्यम से मेधावी और निर्धन बच्चों का चयन कर उन्हें आगे बढ़ाने का, पढ़ाई में आर्थिक सहायता करते हैं यही हमारा एकमात्र उद्देश्य है। इसी क्रम में इन्होंने बताया की शिक्षक दिवस पर सबसे अच्छे शिक्षक को समिति के निर्धारित मापदंड के आलोक में पचास हजार रुपया का चेक कार्यक्रम में जिला प्रशासन की देखरेख में दिया जाता है। डॉ प्रतीक ने बताया कि मेरे पिताजी बरसों से शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग करते हैं और उनकी इच्छा के अनुरूप हम सभी भी उनके कार्यक्रमों को हर तरह से सहयोग कर सफल बनाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर उनके साथ डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा, पटेल जी तथा डॉक्टर प्रतीक के कई स्टाफ साथ में सहयोगी के रूप में रहे।
