
RKTV NEWS/बक्सर (बिहार)02 जनवरी।कमलेश चौबे, राजपुर, बक्सर के निवासी, जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। दृष्टिबाधिता के बावजूद, उन्होंने अपने जीवन में आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
चुनौतियाँ
दृष्टिबाधित होने के कारण, श्री चौबे को दैनिक जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सड़क पर चलना, सार्वजनिक स्थानों पर जाना, और सामान्य कार्यों को स्वतंत्र रूप से करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयासरत रहे।
सहायता और समर्थन
बिहार सरकार की संबल योजना के तहत, जो दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए चलाई जाती है , श्री चौबे को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, बक्सर द्वारा एक सेंसर स्टिक प्रदान की गई। यह सहायता जिला पदाधिकारी बक्सर के जनता दरबार में प्राप्त निर्देशों के आलोक में त्वरित रूप से दी गई।
सेंसर स्टिक का प्रभाव
सेंसर स्टिक प्राप्त करने के बाद, श्री चौबे के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए। इस स्टिक में लगे सेंसर के माध्यम से, वे मार्ग में आने वाली बाधाओं का पूर्वानुमान लगा सकते हैं, जिससे उनका आवागमन सुरक्षित और स्वतंत्र हो गया है। अब वे बिना किसी के सहारे के अपने कार्यों को सुगमता से कर सकते हैं।
आभार और भविष्य की आशाएँ
श्री चौबे ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जिला पदाधिकारी महोदय और समाज कल्याण विभाग के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सेंसर स्टिक ने उनके जीवन को सरल और स्वतंत्र बनाया है। साथ ही, वे ‘स्मार्टफोन विद स्क्रीन रीडिंग एंड मैग्निफायर’ नामक सहायक उपकरण शीघ्र प्राप्त करने की आशा भी व्यक्त कर रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा और संचार में और सुधार हो सके।
कमलेश चौबे की यह कहानी दर्शाती है कि सही सहायता और समर्थन से दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं। बिहार सरकार की संबल योजना जैसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
