
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)31 दिसंबर। विधायक चेतन आनंद ने रोहतास जिले के सिलारी गांव के नौजवान ओम प्रकाश सिंह उर्फ बादल की हत्या को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन को बदनाम करने की कार्रवाई बताया है और कहा है कि जन्मदिन के मौके पर बादल को जिस तरह गोलियों से भुंजकर मौत के घाट उतार दिया गया वह दर्शाता है कि अंग्रेज तो चले गए लेकिन अंग्रेजीयत अभी नहीं गई।उन्होंने कहा कि आजादी अमृत महोत्सव काल में वर्दी की गर्मी अच्छा संकेत नहीं है।विधायक चेतन आनंद ने रोहतास के सिलारी गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और सासाराम शहर स्थित घटना स्थल से लौटने के दौरान आरा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कही। विधायक चेतन आनंद ने कहा कि बादल को जिस तरह बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।लोकतंत्र किसी अधिकारी को इसकी इजाजत नहीं देता है। उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि फिर तो थाना, पुलिस, कोर्ट, कचहरी की कोई जरूरत ही नहीं।नीतीश कुमार जी ने बड़ी मुश्किल से बिहार को जंगलराज से बाहर निकाल कर लाया है।सुशासन” और “न्याय के साथ विकास” के नारे को कुछ लोग अपनी कारस्तानियों से बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं।उन्हें चिन्हित कर दण्डित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि सासाराम से पटना लौटकर वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे और पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी देंगे।दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और परिजनों को न्याय दिलवाने का भरसक प्रयास करूंगा। परिजनों को कम से कम 11 लाख रूपये मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
विधायक चेतन आनंद के साथ पूर्व सांसद आनंद मोहन के निकटतम लल्ली सिंह, डब्ल्यू सिंह,दीपक सिंह,पूर्व छात्र नेता डॉ. सुरेन्द्र सागर, घनश्याम सिंह समेत कई नेता शामिल थे।
