
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 दिसंबर।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) द्वारा गैर-आईसीएआर कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ गुरुवार, दिनांक 5 दिसंबर 2024 को कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर के सभी वैज्ञानिक एवं कर्मियों ने एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल किया । इस कलम बंद हड़ताल का आह्वान कृषि विज्ञान केंद्र कर्मचारी संघ *“नेशनल फोरम ऑफ के.वी.के. एवं ए.आई.सी.आर.पी.”* द्वारा अपनी विभिन्न मांगों के लिए किया गया । वर्तमान में पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले में कुल 731 कृषि विज्ञान केंद्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली द्वारा योजना मद से शत-प्रतिशत वित्त पोषित हैं । देश के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे योजनाओं को गैर-योजना में परिवर्तित किया गया परंतु यह विडंबना है कि कृषि और किसानों के विकास के लिए प्रत्येक जिला स्तर पर कार्य करने वाली महत्वपूर्ण संस्था आज 50 वर्षों से अधिक समय से उपेक्षित रहते हुए योजना से गैर-योजना में परिवर्तित नहीं हो पाया ।
कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा कृषि और किसानों के विकास, साथ ही किसानों के आए दुगुनी करने में कृषि विज्ञान केंद्र के अहम योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार के द्वारा यह निर्णय लिया गया कि चरणबद्ध तरीके से देश के प्रत्येक बड़े जिले में 2 कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जाए । इसी क्रम में देश के कई जिले में और बिहार प्रांत के भी 5 वृहद जिलो में 2-2 कृषि विज्ञान केन्द्रो की स्थापना की गई है ।
देश के कृषि और कृषि से सम्बद्ध कार्यक्रमों/योजनाओं के विकास में कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका सराहनीय रही है । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों के उच्च अधिकारियों के द्वारा इसे अलग अलग मंचो पर स्वीकार किया गया है । वर्तमान मे कृषि विज्ञान केंद्र कर्मियों की सुविधाओं यथा पूर्व के मासिक देय भत्तो यहाँ तक की चिकित्सा भत्ता में भी आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली द्वारा में लगातार कटौती की जा रही है । जबकि आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली के नियंत्राधीन देश के लगभग 66 कृषि विज्ञान केंद्रो के कर्मियों को भारत सरकार द्वारा देय मासिक वेतन तथा अन्य सभी सुविधाएं यथावत् उपलब्ध कराई जा रहा है, जैसे- पदोन्नति लाभ, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन इत्यादि । इसी भेदभाव पूर्ण रवैये को देखते हुए *“नेशनल फोरम ऑफ के.वी.के. एवं ए.आई.सी.आर.पी.”* के आह्वान पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारी संगठन *“कृषि विज्ञान केन्द्र इम्प्लाईज एसोसिएशन”* के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, भोजपुर में भी एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल किया गया ।
संगठन के मुख्य मांग निम्न प्रकार हैं :-
सम्पूर्ण देश में के.वी.के. के कर्मचारियों के लिए एक समान वेतन एवं भत्ते । एन.पी.एस./ओ.पी.एस. सहित एक समान सेवानिवृत्ति उपरांत लाभ को लागू करना ।डॉक्टर आर.एस.परौदा की अध्यक्षता मे गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश के अनुसार सभी के.वी.के. में समान सेवा शर्तों तथा कर्मचारी/स्टाफ पदों का पुनर्गठन को लागू करना शामिल था।
विषय वस्तु विशेषज्ञ को वैज्ञानिक/ सहायक प्रोफेसर के रूप में समान रूप से पुन: नामित करना आदि मुख्य है।
