RKTVNEWS/लखनऊ (उत्तर प्रदेश)13 मार्च।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नगर विकास विभाग की 11 हजार करोड़ रुपये की यह विकास परियोजनाएं केवल परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। विकसित भारत हम सभी का संकल्प होना चाहिए।विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। विकसित उत्तर प्रदेश केलिए हमारे सभी नगर निकायों को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ ईज ऑफ लिविंगके लक्ष्य को प्राप्त करना होगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां नगर विकास विभाग की 11000 करोड़ रुपये की 3419विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने आकांक्षी नगर योजना के अन्तर्गत चयनित सी०एम०फेलोज को टैबलेट प्रदान किये और मुख्यमंत्री आवास योजना (शहरी) की महिला लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी, शक्ति रसोई योजना से जुड़ी महिलाओंको रसोई किट, मिशन भरोसा के लाभार्थियों को आइडेन्टिटी कार्ड, अमृत मित्र योजनाकी महिला लाभार्थियों को पेयजल गुणवत्ता जांच किट तथा सीवर सफाई मित्रों कोसुरक्षा किट प्रदान की। उन्होंने नगर विकास विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन तथाविभाग की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास विभाग द्वारा पहली बार इतने बड़े पैमानेपर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। यहां लोकार्पित एवं शिलान्यास किये गये इन कार्यों की कुल धनराशि आज से 07 वर्ष पूर्व नगरविकास विभाग के कुल बजट का तीन गुना है। यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है, जो विकास के साथ अपनी आस्था को सम्मान और विरासत को संरक्षित करता है।नया उत्तर प्रदेश अपने युवाओं की आजीविका की व्यवस्था के साथ सुरक्षा का बेहतर माहौल प्रदान कर रहा है। प्रदेश सरकार राज्य को समृद्धि के नये सोपान की ओरअग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नये भारत के नये उत्तर प्रदेश की गति में जब प्रदेशका हर व्यक्ति सहभागी होता है, तो प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प कीपूर्ति होती है। हर भारतवासी का संकल्प होना चाहिए कि हमारा देश विकसित हो।विकसित भारत का तात्पर्य भारत के हर नागरिक के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाना है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करना है।वर्ष 2017 में प्रदेश की 24 प्रतिशत आबादी नगरीय क्षेत्रों में निवास करती थी।वर्तमान में राज्य के सभी 762 नगर निकायों में लगभग 05 करोड़ आबादी निवास कररही है, जो आबादी का 30 प्रतिशत है। आने वाले 05 वर्षों में 40 प्रतिशत लोग नगरीय क्षेत्रों में निवास कर रहे होंगे। इस 40 प्रतिशत आबादी को बुनियादी सुविधाओंसे आच्छादित करने के लिए 112 नये नगर निकायों का गठन किया गया है। कुछ नये नगर निकायों के गठन की कार्यवाही प्रदेश सरकार आगे बढ़ाने जा रही है। नगर निगमों के क्षेत्रफल को बढ़ाया गया है। 03 नये नगर निगम बनाये गये हैं। विभिन्न नगर पालिका परिषदों का गठन हुआ है। नयी नगर पंचायतें गठित की गयी हैं तथा उनके क्षेत्रफल का विस्तार किया गया है। नगरीय क्षेत्र में स्मार्ट सिटी मिशन एवं अमृत योजना के साथ-साथ विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जो ईज ऑफलिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले व्यक्तियों को स्मार्ट कहा जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री जी ने सिटी को भी स्मार्ट बना दिया है। प्रदेश के सभी 17 नगरनिगम स्मार्ट सिटी बन रहे हैं। 10 नगर निगम भारत सरकार के सहयोग से तथा शेष07 नगर निगम राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत स्मार्ट बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो अपने सभी 17 नगर निगमों को स्मार्ट सिटी मिशन के साथ जोड़कर कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला संकल्प होना चाहिए कि हम अपने क्षेत्रकी साफ-सफाई और स्वच्छता में योगदान दें। सभी वॉर्डों में स्वच्छता समितियों कागठन हो तथा सभी जनप्रतिनिधिगण इस कार्य में अपना योगदान दें। डोर-टू-डोरकूड़ा कलेक्शन की कार्यवाही सम्पन्न हो। सभी लोग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के प्रयासों में सहभागी बनें ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व नगरों में बुनियादी सुविधाएं अच्छीनहीं थीं। प्रदेश में पहले विद्युत व्यवस्था ठीक नहीं थी। स्ट्रीट लाइटें बेहतर ढंग सेकार्य नहीं करती थीं। सरकार ने निःशुल्क 16 लाख एल0ई०डी0 स्ट्रीट लाइटें लगवायीं। आज राज्य में सभी नगर निकायों में एक जैसी स्ट्रीट लाइटें प्रकाशमान हो रही हैं। इन एल०ई०डी० स्ट्रीट लाइटों के परिणाम स्वरूप कार्बन उत्सर्जन व विद्युतखपत में कमी आयी है।
पहले शहरी क्षेत्रों मं कूड़े का अम्बार लगा रहता था। आज पहले की तुलना मेंसाफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर हुई है, लेकिन फिर भी हर अच्छे कार्य में और बेहतर करने की गुंजाइश रहती है। हमें अभी से तैयारी करनी चाहिए कि हमारे शहरों में जल जमाव न होने पाये। सड़के अच्छी हों। बेहतर प्लॉनिंग के साथ अगले 05 वर्षों की कार्य योजना बनाकर कार्यों को आगे बढ़ाएं। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारेनगर निकाय आत्मनिर्भर बनें । इसके लिए हमें अपने नगर निकायों की आमदनी को बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 07 वर्षों में नगर विकास विभाग ने केन्द्र वराज्य सरकार के सहयोग से काफी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया है। शहरी क्षेत्र में आज गरीबों को आवास प्राप्त हो रहे हैं। नगर विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में 15लाख गरीबों को 3500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है।राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के अन्तर्गत 56 लाख गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध कराये गये हैं। 03 करोड़ लोगों को शौचालय की सुविधा मिली है।
राज्य के 15 करोड़ लोग निःशुल्क राशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पी०एम0स्वानिधि योजना के अन्तर्गत लगभग 19 लाख स्ट्रीट वेण्डर लाभान्वित हो रहे हैं। 762 नगर निकायों में बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। आज अमृत योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है तथा सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। हमें जल केस्रोतों को स्वच्छ व सुन्दर बनाने में अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर नये एवं पिछड़े नगर निकायों को आकांक्षी नगर के रूप मेंचिन्हित करके वहां पर सी०एम0 फेलोज की तैनाती की जा रही है। आज ऐसे 100सी०एम० फेलोज को टैबलेट प्रदान किये गये हैं। टैबलेट के माध्यम से यह फेलोजनिर्धारित मानकों का ऑनलाइन डाटा अपलोड करेंगे। इसकी यहां से मॉनिटरिंग होगी,फिर फिजिकल वैरीफिकेशन होगा। फिर इन निकायों की रैंकिंग तैयार की जाएगी।अच्छा कार्य करने वालों को इन्सेंटिव दिया जाएगा। 100 प्रतिशत सेचुरेशन के लक्ष्यको प्राप्त करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ हुआ है। हम सबकी जिम्मेदारी बनती है किहम इसके सहभागी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने विगत07 वर्षों में अलग-अलग कैटगरी में विभिन्न पुरस्कार प्राप्त किये हैं। साथ ही उत्तरप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसके 06 शहरों में मेट्रो रेल की सेवा प्रारम्भ हो चुकीहै। वाराणसी में रोपवे की सुविधा प्रारम्भ हो रही है। नगर निकायों में इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित करने का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा। नगर विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट स्कीम(अर्बन) (सी0एम0-ग्रीड्स), वन्दन योजना, दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शहरी आीविका मिशन, प्रयागराज महाकुम्भ-2025, अयोध्याधाम में प्राण प्रतिष्ठा कर्यक्रम,भारत द्वारा जी-20 समूहों की बैठकों के सफल आयोजन तथा शक्ति रसोई योजनाजैसी विभिन्न योजनाओं द्वारा लोगों के विकास के कार्य क्रियान्वित किये जा रहे हैं।नगर विकास विभाग के इनोवेशन कार्य देश के लिए उदाहरण हो सकते हैं।
केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर, प्रदेश केवित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए०के0 शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरु, राज्य सभा सांसद बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरजबोरा, योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य रामचन्द्र प्रधान, मुकेश शर्मा, उमेश द्विवेदी, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, मोहसिन रजा सहितअन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, निदेशक स्थानीय निकाय नितिन बंसल तथा शासन-प्रशासनके वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

