
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 नवंबर।आज 21 नवंबर को पुनीत सागर अभियान के तहत आज वीर कुंवर सिंह पार्क स्थित तालाब परिसर को एनसीसी कैडेट द्वारा साफ सफाई की गई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है जिसमें विभिन्न प्रकार के जल स्रोतों का साफ सफाई और बंद पड़े अथवा सुख रहे जल स्रोतों को पूर्व या वर्तमान सभी जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में समूचे देश में 13लाख की राष्ट्रीय कैडेट कोर के सदस्यों के माध्यम से जनहित के लिए चलाए जा रहा है। इसमें एस बी कॉलेज के एसोसिएट एन सी सी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ राम नारायण मिश्र के नेतृत्व में सूबेदार राम सिंह तथा सूबेदार सुख चैन सिंह के साथ एवम एसबी कॉलेज, जग जीवन कॉलेज, तथा संजय गांधी कॉलेज के कैडेटों के साथ मिल कर स्वच्छता अभियान चलाया। लेफ्टिनेंट मिश्रा ने साथ ही वहाँ उपस्थित नागरिकों, महिलाओं, स्कूली बच्चों को अपने आस पास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत में गंभीर पेय जल संकट की स्थिति है ।हमारा प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। बिहार में भोजपुर खास कर शहरी क्षेत्र में भी स्वच्छ जल की उपलब्धता मांग के मुताबिक बहुत कम है। उस पर भी हमारे जल स्रोत गंदगी युक्त होने के कारण यह समस्या कोढ़ पर खाज का काम करती है। जल स्रोत को प्रदूषित हमारे दैनिक गतिविधियों के कारण ही होता है। यदि जिस प्रकार हम घरों की साफ सफाई करते हैं उसी प्रकार आसपास के जल स्रोतों की सफाई नियमित रूप से करें तो संक्रामक बीमारियों नहीं होगी तथा आस पास का वातावरण स्वच्छ होगा।जल में रहने वाले जलीय जंतु भी नहीं मरेंगे।अधिकतर जल स्रोत प्लास्टिक, गंदे कपड़े, घरों से निकलने वाले कूड़े, मल मूत्र इत्यादि के कारण इतने प्रदूषित हो जाते हैं कि जीवनोपयोगी जलस्रोत रोगदायिनी बन जाते हैं। हमें खुद भी स्वच्छ रखना है और लोगों को स्वछ रखने के लिये भी प्रेरित करना है।
बताते चलें की वर्ष 2030 तक देश की 40 प्रतिशत आबादी को पीने योग्य स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं होगा। जल गुणवत्ता सूचकांक में भारत 122 देशों में 120 वें स्थान पर है और देश के लगभग 70 प्रतिशत जल स्रोत प्रदूषित हैं। इन समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए अलग से जल शक्ति मंत्रायल बनाया गया। ताकि इस समस्या से निजात दिलाने की सटीक एवम प्रभावी रणनीति बन सके।
इस अभियान में कैडेट मोनल कुमार सिंह, अम्बरीष पांडेय,आदि कैडेट भी मौजूद थे।
