
आरा/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 14 नवम्बर। भोजपुर जिले के सलेमपुर गाॅव में श्री त्रिदंडी स्वामी जी के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीअर स्वामी जी महाराज के सानिध्य मे हुए श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ मे प्रवचन करते हुए श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीअर स्वामी जी महाराज ने कहा कि तुलसी-शालिग्राम विवाहोत्सव मे शामिल होना सौभाग्य की बात है।
सौभाग्यशाली लोग ही इस महोत्सव में शामिल हो पाते हैं। भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के विवाह के महोत्सव में शामिल होने से बहुत पुण्य मिलता है।
ऐसे सौभाग्यशाली लोगों पर माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। लोगों को ऐसे आयोजन में अवश्य हिस्सा लेना चाहिए। श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीअर स्वामी जी महाराज के दर्शन पाने के लिए हजारों हजार की संख्या में लोग लालायित दिखे।
इस अवसर पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के विवाह का भव्य आयोजन किया गया। लक्ष्मी नारायण यज्ञ और तुलसी-शालिग्राम विवाह समारोह मे शामिल होने के लिए सलेमपुर तथा उसके आसपास के गाँवों सहित भोजपुर, बक्सर एवं अन्य जिलों के बड़ी संख्या में लोग सलेमपुर पहुँचे और इस महोत्सव के साक्षी बने। माहौल भक्तिमय एवं शादीमय बन गया।
हजारों हजार की संख्या में स्त्री, पुरुष, युवक, युवती, वृद्ध समेत अन्य लोगों ने कतारबद्ध होकर यज्ञ मंडप की परिक्रमा की तथा पूजा अर्चना की। काशी, मथुरा एवं अन्य जगहों से आए साधु, संतों तथा विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान पूर्वक तुलसी-शालिग्राम विवाह संपन्न कराया।
इस अवसर पर साधु, संतों, भजन मंडली तथा महिलाओं द्वारा तरह-तरह के मांगलिक गीत गाये गये। श्रद्धालु भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे और उसमें डूबते-उपलाते रहे। भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के विवाह समारोह के अवसर पर श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीअर स्वामी जी महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु संत विराजमान थे।
बिहार, झारखंड उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों के लोग इस अवसर पर सलेमपुर में जुटे थे। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने यज्ञ का प्रसाद ग्रहण किया।
