
आरा /भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 अगस्त।आज उप विकास आयुक्त,भोजपुर गुंजन सिंह द्वारा जीविका परियोजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जीविका के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा जीविका के अंतर्गत संचालित समुदाय आधारित संस्थाओं की संरचना एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि MODEL-CLF के इंडिकेटर्स एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, पशुधन घटक के अंतर्गत मुर्गी पालन, पशुशेड एवं मछली पालन हेतु जीविका दीदियों का चयन कर सूची प्रस्तुत की जाए। दीदी की रसोई में उपयोग के बाद शेष बचे अंडों की ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग कर उन्हें बाजार में उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया गया।सिलाई इकाई (Stitching Unit) को बेहतर ढंग से संचालित करते हुए किसी एक उत्पाद का चयन कर उसे बाजार में लाने की योजना बनाई जाए। इसी तरह “एक प्रखंड – एक उत्पाद” के सिद्धांत पर आधारित उत्पाद को चिन्हित कर उसका प्रचार-प्रसार और विपणन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। घरेलू स्वरोजगार जैसे सिलाई-कढ़ाई, सॉफ्ट टॉय निर्माण आदि से संबंधित प्रशिक्षण हेतु दीदियों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। PMFME योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं को ऋण दिलवाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिला अंतर्गत पंचायत स्तर पर अप्रयुक्त भवनों की पहचान कर प्रखंडवार सूची तैयार करने एवं वर्तमान में संचालित 16 पौधशालाओं की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ उनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इस समीक्षा बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक वरुण कुमार के साथ प्रबंधक (सामाजिक विकास) प्रीति रानी, प्रबंधक (संचार) मनीष कुमार, प्रबंधक (गैर कृषि) सिद्धार्थ कुमार, प्रशिक्षण अधिकारी रंधीर कुमार, यंग प्रोफेशनल अमित कुमार एवं कोइलवर सिलाई केंद्र की मुख्य प्रबंधक नूपुर कमल उपस्थित रहीं।
