
RKTV NEWS/पटना (बिहार)09 मई।“पटना जिला हेतु मॉडल हीट एक्शन प्लान (HAP) की तैयारी एवं क्रियान्वयन” विषयक एक हितधारक परामर्श-सह-मान्यता कार्यशाला का सफल आयोजन आज पटना समाहरणालय में किया गया। कार्यशाला में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), आईपीई ग्लोबल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य प्रमुख विभागों एवं अग्रिम पंक्ति संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में बढ़ते हीटवेव जोखिमों के प्रति तैयारी एवं समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोहम्मद वारिस खान (आईएएस), सचिव, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, डॉ. सी.एन. प्रभु, निदेशक, बीएमएसके, तथा देवेन्द्र प्रताप शाही, ए.डी.एम., पटना जिला प्रमुख रूप से शामिल रहे। उन्होंने पटना जिले में तीव्र शहरीकरण एवं जलवायु परिवर्तनशीलता के परिप्रेक्ष्य में स्थानीयकृत एवं सक्रिय हीटवेव तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया।
आईपीई ग्लोबल के ग्लोबल हेड – क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी, डॉ. अबिनाश मोहंती ने मॉडल पटना हीट एक्शन प्लान, इसकी प्रमुख विशेषताओं तथा हीट जोखिम न्यूनीकरण में इसकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रस्तुति दी। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)-इंडिया की प्रतिनिधि काव्या वाणी ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया, जबकि कुमार नमन, एडीएमओ, पटना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आपदा प्रतिक्रिया की पारंपरिक प्रतिक्रियात्मक प्रणाली से आगे बढ़ते हुए पूर्वानुमान आधारित, जोखिम-सूचित एवं संस्थागत समन्वय पर आधारित योजना प्रणाली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जोखिम आकलन, विभागीय समन्वय तथा समुदाय-केंद्रित लचीलापन उपायों के माध्यम से ही अत्यधिक गर्मी के प्रभावों का प्रभावी प्रबंधन संभव है।
यह कार्यशाला परियोजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण चरण सिद्ध हुई, जिसका उद्देश्य संबंधित विभागों एवं हितधारकों को मॉडल हीट एक्शन प्लान की संरचना, कार्यप्रणाली, परिचालन संबंधी अनुशंसाओं तथा डिजिटल डिसीजन सपोर्ट System पोर्टल से परिचित कराना था।
तकनीकी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को जिले की हीट संवेदनशीलता स्थिति, उच्च जोखिम वाले समूहों तथा हीट हॉटस्पॉट्स की पहचान से अवगत कराया गया। साथ ही, हीट वल्नरेबिलिटी इंडेक्स (HVI) एवं हीट रिस्क इंडेक्स (HRI) की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसके माध्यम से एक्सपोज़र, सेंसिटिविटी एवं एडैप्टिव कैपेसिटी का आकलन कर प्राथमिकता वाले हस्तक्षेप क्षेत्रों की पहचान की जाती है।
कार्यशाला ने विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित विमर्श एवं संस्थागत अभिसरण के लिए एक साझा मंच भी प्रदान किया, जहाँ प्रतिभागियों द्वारा क्रियान्वयन तंत्र, समन्वय व्यवस्था, IEC सामग्री के प्रसार, जन-जागरूकता रणनीतियों तथा निगरानी संकेतकों पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि हीट एक्शन प्लान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पुनः यह रेखांकित किया कि बढ़ती हीटवेव चुनौतियों से निपटने हेतु बहु-क्षेत्रीय समन्वय, जन-जागरूकता, डेटा-आधारित योजना निर्माण तथा सतत संस्थागत सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यह क्षमता निर्माण कार्यशाला पटना जिले के लिए एक सुदृढ़, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एवं प्रभावी हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है, जो बिहार में जलवायु लचीलापन एवं जन-सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
