
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)31 अक्टूबर।हर तरफ सफाई,पुताई, लक्ष्मी गणेश पूजन की तैयारी के साथ साथ पटाखे, फूलझड़ी की मौज मस्ती और खुशियों का त्योहार दीपावली की तैयारी एक सप्ताह पूर्व से ही चल रही है। सबके घर रंग-बिरंगे रोशनी से जगमगा रहे हैं। लेकिन क्या इतनी ही भर दीपावली है।
दिपावाली का त्यौहार आत्मचिंतन और नवीनीकरण का समय माना जाता है। जहां लोग आंतरिक अंधकार और अज्ञानता पर विजय पाने का प्रयास करते हैं। जिसका प्रतीक अंधकार पर प्रकाश की विजय है। दीपोत्सव के दर्शन से जो प्रकाश मिलता है वो हमेशा स्वयं को प्रेरणा देता रहता है। ऐसे तो सम्पूर्ण जीवन हम स्वयं को ढूंढते रहते हैं। हम क्या हैं,हम कौन हैं,दीपावली जैसे पर्वों में निहित दर्शन परंपरा में इन प्रश्नों की व्याख्या का सूत्र प्रकाश ही जीवन है । दिवाली का मतलब है “दीपों की पंक्ति,” जो अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह समाज में एकता, भाईचारे और प्रेम का संदेश भी देता है।दिवाली का त्यौहार भारत में प्राचीन समय से ही मनाया जाता रहा है। नवीन कामनाओं से भरपूर, यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दीपावली त्यौहार अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक कहानियों से मिलकर बना है। इस त्यौहार की नीव अच्छाई पर टिकी हुई है इसलिए यह त्यौहार जब भी आता है, तो सभी लोगों में एक अलग ही खुशी और आस्था होती है। दीपावली के त्यौहार को हिंदू, जैन, सिख आदि धर्मों द्वारा भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इन सभी धर्मों में दीपावली के दिन ही ऐसी कोई ना कोई घटना हुई है, जिससे अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, निराशा पर आशा और बुराई पर अच्छाई की विजय हुई है। दीपावली का त्यौहार पूजा पाठ और अच्छाई से जुड़ा हुआ है ।इसलिए लोग इस पर्व पर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ते हैं और इससे अच्छे विचारों का उद्गम होता है। दीपावली के त्यौहार का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है क्योंकि इस त्यौहार पर सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर त्यौहार को मनाते है। इस दिन सभी लोग पूजा करते हैं। एक दूसरे से मिलने जाते है जिससे सामाजिक सद्भावना उत्पन्न होती है। आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोगों को एक दूसरे से मिलने का अवसर बहुत कम मिलता है इसलिए इस दिन लोग जब लोग एक दूसरे से स्नेह पूर्वक मिलते हैं और साथ में एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं, जिससे लोगों को एक दूसरे की भावनाओं और धर्मों को समझने में रुचि उत्पन्न होती है। इसलिए इस त्यौहार का सामाजिक महत्व और भी बढ़ जाता है। सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। दीपोत्सव की शुभता हम सबके अंतर्मन में जमा मैल मिट सके इसकी मंगलकामना है।
