
RKTV NEWS/पटना(बिहार)07 अक्टूबर।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभाकक्ष में सोमवार को आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सुमन का आगमन हुआ। इस अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत, सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्रा, नरेंद्र कुमार सिंह और प्रकाश कुमार भी उपस्थित थे। अतिथि का स्वागत भाषण प्राधिकरण के सचिव मीनेन्द्र कुमार ने दिया।
उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में इस बैठक में प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे विभिन्न क्षमता वर्धन और जन जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग ने प्राधिकरण के कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बिहार अग्रणी राज्य है। प्राधिकरण आपदा प्रबंधन नीतियों का थिंक टैंक है, और विभाग प्राधिकरण की शोधपरक नीतियों को प्रभावी रूप से कार्यान्वित कर सकता है। प्राधिकरण के साथ मिलकर कार्य करना और नीतियों को कार्यान्वित करना हमारी जिम्मेदारी है। यहाँ बहुत कुछ किया जा रहा है, जिसे सीखने की आवश्यकता है। विभाग इन नीतियों को लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले वज्रपात की घटनाएँ नहीं होती थीं, लेकिन वर्तमान में जिस तरीके से घटनाएँ हो रही हैं, उस संदर्भ में पेंडेंट एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
प्राधिकरण देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जो कार्य कर रहा है, वह वास्तव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बालासोर ट्रेन दुर्घटना के बचाव में प्राधिकरण द्वारा किए गए कार्यों की मंत्री जी ने जमकर सराहना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई नवोन्मेषी कार्य बिहार पहली बार कर रहा है, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी हैं। निश्चित रूप से प्राधिकरण एक लीडर की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर तैराकों को प्रशिक्षित करने, जीविका दीदियों को प्रशिक्षित करने और स्कूलों में बच्चों को प्रशिक्षित करने के कार्यक्रमों की सराहना की। प्राधिकरण की नीतियाँ और संसाधन ही विभाग की ताकत हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोकना किसी के बस में नहीं है, बल्कि उसकी तैयारी कैसे करें, बचाव कैसे करें, और पुनर्स्थापना कैसे करें, यह हमारे हाथ में है। इस कार्य के लिए प्राधिकरण बहुत ही बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है। विभाग प्राधिकरण की शोधपरक नीतियों को प्रभावी रूप से कार्यान्वित कर रहा है।
बैठक में मंत्री ने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, जैसे सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम, सामुदायिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम, भूकंपरोधी घर निर्माण के लिए राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम, जीविका दीदियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम, मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार के माध्यम से राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को आपदा से बचाने के लिए प्रभावी कार्यक्रम, वज्रपात एवं अन्य आपदाओं से बचाव के लिए आईआईटी पटना के सहयोग से बनाए गए नीतीश पेंडेंट, आईआईएससी बेंगलुरु के सहयोग से डिजिटल ट्विंस के माध्यम से बाढ़ सुरक्षा कार्य योजना निर्माण, इसरो के सहयोग से सैटेलाइट डाटा के माध्यम से आपदा पूर्व तैयारियों, बीएसडीआरएन ऐप के माध्यम से आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, और ए.आर.वी.आर. के माध्यम से लोगों को आपदा के समय प्रतिक्रिया देने हेतु जागरूकता बढ़ाने के कार्यक्रमों एवं योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव सहित प्राधिकरण के विशेष सचिव, अवर सचिव और सभी पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
