
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 सितंबर। बुधवार को एसीएमओ ,भोजपुर, डॉ के एन सिन्हा के कार्यालय कक्ष में एक मरीज को लाया गया, जो किसी पाक्स द्वारा संक्रमित होने का संदेह है। मंकी पाक्स भी हो सकताहै। डॉ सिन्हा ने बताया कि इसके ब्लड सैंपल को पीएमसीएच माइक्रोबायोलॉजी विभाग में ,जांच हेतु।भेजा गया है, मगर आइसोलेशन का यहां व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज को राजेंद्र रिसर्च सेंटर, एनएमसीएच ,पटना भेज दिया गया। मरीज के पूरे शरीर पर पा क्स जैसे चकते ,फफोले हैं। बीमारी, मुंह, ओठ से शुरू हुआ और दूसरे दिन पूरे शरीर में फैल गया। एक हफ्ता से यह शरीर का चकता है ।उसके कुछ माह पहले मरीज को दो-तीन बार फरका जैसा भी ,बदन का कंपन कन्वर्जन हुआ था। करीब साल भर पहले मरीज गुजरात में 6 माह के लिए रहा है। इस मरीज के मोहल्ले में भी कुछ लोग केरल से आए हैं। मगर मरीज के घर के किसी व्यक्ति को अभी इस तरह का फॉक्स जैसा चमड़े में शिकायत नहीं है और घर के आसपास भी किसी को नहीं है। विशेष जांच हेतु इसे पटना रेफर किया गया है। मरीज बेलवानिया गांव ,दिनारा ब्लॉक का रहने वाला है ।मगर इसका इलाज महावीर टोला के एक डॉक्टर के यहां चल रहा था। एसीएमओ भोजपुर डॉ के एन सिन्हा को यह पता चलने पर उन्होंने अपने कक्ष में बुलाकर ,अन्य डॉक्टरों को भी बुलाकर इसकी जांच की ।डॉ राजीव कुमार आए एवं डॉ संजय कुमार, डॉ आशीष डब्लूएचओ को भी बुलाया गया था ।जांच का रिपोर्ट आने पर और पटना से खबर आने के बाद कंफर्म होगाकि यह मरीज किस बीमारी का है। मगर मंकी बॉक्स होने की भी शक है। जांच का रिपोर्ट आने तक हिदायत बरती जा रही है, सतर्कता रखी जा रही है।
मरीज को सदर अस्पताल केफिजिशियन ,शिशु रोग विशेषज्ञ, एवं चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ रामनिवास प्रसाद ने भी देखा एवं प्राथमिक उपचार हेतु कुछ दवा दिए।मरीज का नाम विकास कुमार, उम्र 10 वर्ष, पिता चितरंजन कुमार,गांव बेलवानिया ,दिनारा रोहतास जिला का है।
