
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 अगस्त।आज कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम की जानकारी देते हुए हेड डॉक्टर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया के आज माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार के द्वारा 109 प्रकार के विभिन्न फसलों के बीज राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। यह बीज बायो फोर्टीफाइड होने के साथ-साथ जलवायु अनुकूल है और मौसम की प्रतिकूलता को आसानी से सहन कर सकते हैं
खाद्य फसलों के 69 एवं बागवानी फसलों के 40 पर वेदों का आज अंतिम रूप से किसानों के लिए अधिसूचित कर दिया गया ।
इस अवसर पर उपस्थित किसानों को बताया गया कि उनके पास इस खरीफ मौसम में धान के बायो फोर्टीफाइड उपलब्ध कराई गई है और आप उसमें कोशिश करें कि कम से कम रासायनिक करो का प्रयोग करें और ज्यादा से ज्यादा जैविक तरीके से खेती करें। जैविक खेती के बारे में चर्चा करते हुए डॉक्टर सचिदानंद सिंह ने बताया कि गाय के गोबर एवं गोमूत्र से जीअवामृत तैयार किया जाता है इसी प्रकार गाय का गोबर गोमूत्र तथा नीम का पत्ता एवं नीम का फल मिलकर निमास्त्र तैयार होता है जिससे कीड़ों से पौधों की रक्षा होती है।
सुप्रिया वर्मा ने जानकारी दिया कि बरसात के समय में हमेशा प्रयास करें कि साग का सेवन कम हो क्योंकि उनके कीड़ों के अंडे बहुत ज्यादा रहते हैं साथ ही ताजा भोजन करें बच्चे ज्यादा संवेदनशील होते हैं उनको इस मौसम में कीड़े की दवाई अवश्य दें । फाइलेरिया की गोली अवश्य प्रयोग करे।
शशिभूषण कुमार शशि बैक यार्ड मुर्गीपालन की विस्तृत जानकरी दिया ।
डॉक्टर रामनरेश ने जानकारी दिया कि इस मौसम में हलदर वृक्षों और वानकी के पौधों को लगाने के लिए बड़ा आदर्श समय है आप कोशिश करें कि आम अमरूद कटहल नींबू सहजन केला पपीता के पौधे अपने आंगनवाड़ी में या किचन गार्डन में अवश्य लगे ।यह पौधे आगे चलकर के आपको फल भी देंगे और इसे अच्छी आमदनी होगी आज के समय में मल्टी लेयर फार्मिंग की बात हो रही है। इसलिए आप कोशिश करें कि कुछ वैसी फैसले भी उसके नीचे लगे जो कि आसानी से छाया में हो सकती है जैसे हल्दी अदरक साग वाले पौधे आसानी से लगाया जा सकते हैं। इसे लाभ भी होगा और आपका भोजन में पोषण भी प्राप्त होगा।
