
RKTVNEWS/गोपालगंज (बिहार)13 जुलाई।जिला पदाधिकारी,गोपालगंज मो० मकसूद आलम की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभा कक्ष में
आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की गयी।
संबंधित बैठक में प्रधानमंत्री मातृ व्यंजन वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कुल 5052 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें मात्र 909 आवेदन अपलोड है ।वही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के कुल 1695 आवेदनों में सुयोग्य लाभुको की संख्या 369 ही अपलोड पाए गए।
आवेदन अपलोड नहीं होने पर जिला पदाधिकारी द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया गया कि संबंधित एम०ओ०आई०सी० से
को-ऑर्डिनेट कर आर सी एच की सूची प्राप्त कर लें और आज शाम तक आवेदनों को अपलोड करना सुनिश्चित करें।
सीडीपीओ पंचदेवरी और सी डी पी ओ बरौली के बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर जिला पदाधिकारी द्वारा वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी को निर्देश दिया गया कि सत प्रतिशत टारगेट को पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उक्त योजनाओं के लिए आवश्यक अनिवार्य कागजात एवं रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी सभी को दी गई।
ज्ञात हो कि में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अनुसरण में देश के सभी जिलों में 1 जनवरी 2017 से मातृत्व लाभ कार्यक्रम लागू है ।
इस कार्यक्रम का नाम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना रखा गया है।इसका उद्देश्य मजदूरी की क्षति के बदले नगद राशि को प्रोत्साहन के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है ताकि महिलाएं पहले से जीवित बच्चों के जन्म के समय और बाद में पर्याप्त विश्राम कर सकें।
प्रदान किए गए नगद प्रोत्साहन राशि से गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माता के स्वस्थ रहने के आचरण में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों से संबंधित गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान करने वाली माताएं और सभी पात्र गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माता को परिवार में पहले बच्चे के लिए लाभ दिया जाएगा और दूसरा बच्चा कन्या शिशु के जन्म होने की स्थिति में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा।
प्रथम संतान हेतु ₹5000 नगद प्रस्थान दो किस्तों में दिया जाएगा ।
प्रथम किस्त 3000 गर्भावस्था के शीघ्र पंजीकरण पर एवं कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच ए एन सी प्राप्त करने के पश्चात दिया जाएगा।
वहीं दूसरी किस्त ₹2000 बच्चे के जन्म के पंजीकरण के पश्चात और बच्चे को बी सी जी ,ओ पी वी, डी पी टी और हेपेटाइटिस बी, या इसके समकक्ष विकल्प का पहला चक्र प्राप्त होने के पश्चात दिया जाएगा। और कन्या शिशु के जन्म पर 6000 की राशि एक किस्त में दी जाएगी।
वही गर्भपात एवं मृत जन्म पर भविष्य में गर्भधारण करने की स्थिति में लाभार्थी को नए लाभार्थी के रूप में माना जाएगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समाज की सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्ग के निर्धारण के लिए मानदंड भी निश्चित है जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिलाएं या ऐसी महिलाएं जो आंशिक रूप से 40% या पूरी तरह से अक्षम (दिव्यांगजन), बीपीएल राशन कार्ड धारक महिला, आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना( पी एम जे ए वाई) के तहत महिला लाभार्थी, ई-श्रम कार्ड धारक करने वाली महिलाएं, महिला किसान जो किसान सम्मान निधि के तहत लाभार्थी है, मनरेगा जॉब कार्ड धारण करने वाली महिलाएं, जिन महिलाओं की शुद्ध पारिवारिक आय ₹800000 प्रति वर्ष से कम है, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ आशा कार्यकर्त्री और कोई अन्य श्रेणी जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती है आदि इस योजना के योग्य माने जाएंगे।
संबंधित बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस सीमा कुमारी ,सिविल सर्जन गोपालगंज वीरेंद्र प्रसाद ,सभी सीडीपीओ ,सभी चिकित्सा अधिकारी (एम ओ आई सी )और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बी एच एम) आदि उपस्थित थे।

