आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 जून। आरा की प्रतिष्ठित सीट और विकास पुरुष के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले आरके सिंह को हार का सामना करना पड़ा है। इस हार पर अपनी बातों को अधिवक्ता हाई कोर्ट तारकेश्वर ठाकुर ने स्पष्ट रूप से बताया कि लोकसभा क्षेत्र के विकास की गुंज पुरे देश में है। सांसद और केंद्रीय मंत्री रहते आर के सिंह जी ने पिछले दस वर्षो मे भोजपुर जिले का चहुंमुखी विकास किया। चुनाव प्रचार में अधिकतर जनता आर के सिंह की स्वागत और बड़ाई करते थकती नही थी। परंतु मेरी समझ मे जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता गया ,जातीय गोलबंदी के आगे विकास फीका पड़ता गया। यह एक प्रमुख कारण रहा । चुनाव हारने के अन्य कारणो मे जीत के प्रति अति विश्वास का होना, भीषण गर्मी मे एन डी ए के कार्यकर्ता और मतदाताओं
की गति का धीमा होना भी महत्वपूर्ण है।
बिचारणीय बिषय यह है की आज ऐसा कलयुग है जिसमे लोगों की अपेक्षायें सार्वजनिक विकास में कम, अपने व्यक्तिगत लाभ (विकास)के बार ज्यादा सोंचना और नेता से अपने लाभ की अपेक्षा करना है।
1990 के बाद के जन्म लिये नौजवानो को वह लालटेन युग, सड़को की दुर्दशा, आतंक का जंगल राज याद नही होगा। ईश्वर की दया है की अभी एन डी ए के कुशल नेतृत्व मे बिहार मे कानून का राज है । 24वीं लोकसभा चुनाव में एन डी ए के भाजपा प्रत्याशी आर के सिंह जी को कुल 469574 मत मिले है । यह मत आर के सिंह जी के विकास का समर्थन और मोदी जी नेतृत्व मे भारत को विकसित भारत, विश्व गुरू भारत बनाने के लिए दिया गया मत है। एनडीए बिहार की तीन तिहाई और देश मे 292 सीट जीत कर सबसे आगे है। मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे है। आरा से जीते प्रत्याशी सुदामा प्रसाद जी से अपेक्षा रहेगी की बिना भेद भाव के विकास की और बड़ी रेखा खिंचकर आरा की मान मर्यादा बढायें । सांसद बनने पर उनको बधाई।
