बिहार में भाजपा के बुलडोजर राज और दलित–गरीबों पर बढ़ते जुल्म के खिलाफ एकजुट हों,प्रतिरोध करें :माले
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)10 मई।आज अगिआंव के बडगांव में भाकपा – माले ने जनप्रतिरोध सभा आयोजित किया। विदित हो कि पिछले 14 अप्रैल को बडगांव के स्थानीय लोगों द्वारा अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित किया गया। लेकिन जातिवादी अपराधियों द्वारा मात्र 15 दिनों के अंदर तोड़ दिया गया। जिसके खिलाफ आज सैकड़ो मज़दूर -किसान, छात्र – नौजवान, महिलाओं ने प्रतिरो सभा मे शामिल हो बाबा साहेब के विचारों के आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और कहा कि तुम एक मूर्ति तोड़ोगे हम हजारों मूर्ति लगाएंगे।
सभा को सम्बोधित करने वालों में भाकपा – माले जिला सचिव अभ्युदय, केंद्रीय कमिटी सदस्य राजू यादव, अगिआंव पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, इंसाफ मंच राज्य अध्यक्ष कयामुद्दीन अंसारी, पूर्व विधायक पीरो चन्द्रदीप सिंह, राज्य कमिटी सदस्य व तरारी प्रखण्ड सचिव उपेन्द्र भारती आरवाइए प्रखड अध्यक्ष अप्पू यादव, सचिव अखिलेश कुमार गुप्ता, आरवाईए सहार प्रखंड सचिव अजित पासवान, मूर्ति स्थापना कमिटी के अध्यक्ष दिनेश राम, सचिव जय कुमार राम सदस्य राम सहेनी सहित कई लोगों ने सम्बोधित किया।
जन प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता भाकपा – माले प्रखण्ड सचिव भोला यादव और संचालन जिला कमिटी सदस्य दसई राम ने किया।
प्रतिरोध सभा ने प्रस्ताव पास किया जिसमे डॉ अम्बेडकर की मूर्ति तोड़ने वाले जातिवादी अपराधियों को अबिलम्ब गिरफ्तार किया जाए। मूर्ति स्थल पर तत्काल नई मूर्ति स्थापित किया जाए। मूर्ति स्थल पर सीसीटीवी लगया जाए।
सभा मे वक्ताओं नेकहा की हमारा देश एक गहरे संकट से गुजर रहा है. लोकतांत्रिक ढांचे, संविधान व दलित–गरीबों पर हमले लगातार बढ़ते गए हैं. फासीवादी ताकतों को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से खतरा महसूस हो रहा है. इसलिए पूरे देश में उनकी मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं. अगिआंव के बडगांव में 14 अप्रैल 26 को स्थापित डॉ.अम्बेडकर की मूर्ति को जातिवादी अपराधियों ने रात के अंधेरे में तोड़ने का कायरतापूर्ण काम किया है.
नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार को बेदखल कर बिहार की सत्ता पर जब से भाजपा ने कब्ज़ा किया है दलित–गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं. भाजपा बिहार को बुलडोजर राज की प्रयोगशाला बनाने की लगातार कोशिश कर रही है. दलित–गरीबों की हत्या और बलात्कार की घटनाओं में अचानक तेजी आ गई है.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार देश में हर 18 मिनट में एक दलित के खिलाफ अपराध होता है. जिसमे बिहार के दलितों पर अत्याचार के मामले देश के औसत से काफी ज्यादा हैं. एस सी–एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के बावजूद, पुलिस निष्क्रियता और कम सजा दर के कारण जातिवादी दबंगों के हौसले बुलंद हैं. भोजपुर के अगिआंव में ही पिछले महीनों कई घटनाएं हुईं. अगिआंव के पवार गांव में दलित – भूमिहीन शिव लखन पासवान की हत्या कर पेड़ से लटका दिया गया. चरपोखरी के मलौर में एक दलित को मामूली विवाद में गोली मार दी गई.
नेताओं ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि अपने को दलितों के मसीहा कहने वाले नेता व पार्टी चाहे वह चिराग पासवान हों, जीतन राम मांझी हों या वर्तमान अगिआंव विधायक महेश पासवान हों, किसी ने इन घटनाओं पर एक शब्द नहीं बोला. जबकि 14 अप्रैल को सभी लोग अम्बेडकर के मूर्ति पर माला डालते हैं और अम्बेडकर के सपनो को पूरा करने की बात करते हैं। लेकिन दलितों और अम्बेडक के मूर्ति पर हो रहे हमलों पर एक बयान भी नही देते हैं।

