आरा/भोजपुर(डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 मई। बुधवार को आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब’ द्वारा ‘एम एम महिला कॉलेज’ में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो मीना कुमारी ने किया। मंच संचालन आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब समन्वयक डॉक्टर खुशबू कुमारी ने किया।
विषय प्रवेश कराते हुए इन्होंने कहा की बेकार पड़े सामानों का सही उपयोग किस प्रकार किया जाए या फिर बेकार पड़े सामानों का रूप परिवर्तित कर उसे उपयोग में लाना, इस वर्कशाप का मुख्य उद्देश्य रहा। जिससे घर को एक नए लुक में सजाना,बेकार चीजों का अच्छा डिजाइन कर उपयोग में लाना, इससे भी बड़ी बात चाहे तो इस खूबसूरत बनाकर आर्थिक लाभ और कला के क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ा सकते हैं।
पुराना न्यूज़ पेपर, पानी की बोतल, आइसक्रीम स्टिक, पुराने पड़े कपड़े, जूट की बोरियां, नारियल की खोपड़ी, अखरोट के छिलके, बादाम के छिलके, फलों के बीज,पत्तों से कई प्रकार के सजावटी सामान बनाए जाते हैं। घरों में भी हमें पुराने सामानों को किस प्रकार से उपयोग में लाना है यह हमारे बड़े दादी – नानी, मां- पिताजी सीखाते आए हैं। साथ ही साथ कई कॉलेजो में पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट को वेस्ट मटेरियल का सही उपयोग सिखाया जाता हैं।कॉलेज में रखे वेस्ट मटेरियल और आयरन स्क्रैप से कई कलाकृतियां बनवाई जाती है । साइकिल आर्टवर्क, बीजूका आर्ट, सजावटी गमले बनाना आदि। समुद्री पत्थरों को भी सजावट के काम में लाए जा रहे हैं।
कचरे से सर्वोत्तम बनाने का अर्थ ‘उन वस्तुओं से कुछ उपयोगी और नवीन बनाना है जिन्हें फेंक दिया जाता है’ । घरेलू सामानों को फेंकने के बजाय उन्हें रचनात्मक और सजावटी वस्तुएं बनाकर उनका सर्वोत्तम उपयोग किया जा सकता है। आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब की सह संयोजक डॉ शिल्पा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। डॉ राखी सिन्हा, डॉ शीला, डॉक्टर आशा, डॉ राखी आदि शिक्षक उपस्थित रही।
