RKTV NEWS/भोपाल (मध्यप्रदेश) 14 अप्रैल।वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की मध्यप्रदेश इकाई की ऑन लाइन गोष्ठी संपन्न हुई।
दिल्ली इकाई की अध्यक्ष प्रमिला कौशिक मुख्य अतिथि रही। सरस्वती वंदना मंगला योगी ने प्रस्तुत किया।
रुखसाना बानो ने कहा मीठी सी महक में घुल जाएं आओ, हम सब मिलकर ईद मनाएं,
यशी शर्मा मैं खुद से करती हूं एक वादा हर पल हर लम्हा साथ निभाने का।
सुनीता केसवानी की कविता का शीर्षक था असमंजस और करुणा दयाल ने कहा जीवन एक त्यौहार बन जाए, विद्या श्रीवास्तव ने ललकारा मैं नारी हूं मैं बेवकूफ बन जाती हूं, पुनीत चंद्र की भाव पूर्ण पंक्तियां थी वक़्त क़यामत का चाहिए तुमको भूलने के लिए, तुमको भूलने का साहस मुझ में नहीं,
अशोक गौतम ने माता रानी के नौ रूप हमारे सामने रख दिए,
शिवांश सरल ने कहा गौरैया मेरे आ जाओ मेरे पास से दाने ले जाओ, बिहारी लाल सोनी ने शब्दों की महिमा को बांध दिया, राजश्री रावत ने गीत गाया मैं जिसको ढूंढू वह क्यों मुझे नजर ना आए,
मुख्य अतिथि प्रमिला कौशिक ने नवरात्रि पर दुर्गा भवानी की पूजा की,जया आर्य ने कहा बीच भंवर में साथ है छोड़ा अब किनारो का क्या करूं, घर बना बना है मंझधार में अब किनारों का क्या करूं,
आभार कमल चंद्र ने प्रस्तुत किया बहुत ही खूबसूरत वातावरण में काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।

