गढ़वा/झारखंड 28 अगस्त।आईटीआई गढ़वा कैम्पस में श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा रोजगार भर्ती कैम्प का आयोजन किया गया। जिसमें पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सत्यम प्रकाश ने रीड अलॉन्ग की जानकारी दी। रीड अलॉन्ग, जिसे पहले बोलो के नाम से जाना जाता था, बच्चों के लिए एंड्रॉइड मोबाइल के लिए गूगल द्वारा विकसित एक एंड्रॉइड भाषा-शिक्षण ऐप है। जिसे निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा अभियान के लॉन्च किया गया है। इसमें दीया नाम का एक पात्र बच्चों को सचित्र कहानियों के माध्यम से पढ़ने-सीखने में मदद करता है। छोटे बच्चो को कहानियों के माध्यम से बोलकर पढ़ना होता है, पढ़ते समय गलती करने पर दिया नामक पात्र सही पढ़ने में मदद करती है। साथ में बच्चों को ज्यादा पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसमें अंग्रेजी और हिंदी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाएं यानी बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी और उर्दू के साथ-साथ स्पेनिश और पुर्तगाली सीखने की सुविधा है। इसमें 10000 से अधिक ज्ञानवर्धक कहानियां दी गयी है। जिन्हें पढ़कर छोटे बच्चे भाषा पर पकड़ बना सकते है।
रीड अलोंग ऐप बच्चों को टेक्नोलॉजी के माध्यम से भाषाई दक्षता को हासिल करने में मदद करती है। इसके साथ ही मनोरंजन कहानियों के माध्यम से भाषाई समझ को विकसित करने का काम किया जा रहा है। यह ऐप गढ़वा जिले में बच्चों को भाषा के स्तर पर आ रही चुनौतियों को कम करने और बेसिक शिक्षा को मजबूत करने में सहायक है। युवा इस ऐप की मदद से क्षेत्रीय भाषा और किन्ही विदेशी भाषा को भी सिख सकते हैं। यह ऐप नई शिक्षा नीति के तहत लॉन्च किया गया हैं। गढ़वा के शिक्षा विभाग द्वारा इसकी इस ऐप के लिए पार्टनर कोड (1234garh) जारी किया गया। इस कोड के जरिए लाभार्थी की बेहतर निगरानी की जा रही है। जिससे की सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समय रहते प्राप्त किया जा सके। आईटीआई प्रशिक्षक और स्टूडेंट्स ने इस ऐप को बहुत उपयोगी बताया। इस ऐप के जरिए उन्होंने क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं के ज्ञान के लिए अच्छा माध्यम बताया। इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 70 की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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