RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 01 अप्रैल।बिहार सरकार द्वारा व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) में कार्यरत कर्मचारियों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने एवं उच्च न्यायालय, पटना की स्थायी समिति द्वारा किये गए अनुशंसा का अनुपालन नहीं किये जाने के विरोध में व्यवहार न्यायालय, भोजपुर के सभी कर्मचारियों ने आज विरोध स्वरूप काला पट्टी बांधकर अपना अपना कार्य शांतिपूर्वक संपादित किया।
बिहार व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश्वर तिवारी एवं महासचिव सत्यार्थ सिंह के द्वारा उच्च न्यायालय के निबंधक (रजिस्टार) के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय, पटना को अपनी लबिंत माँगों की पूर्ति नहीं होने
के कारण एक मांगपत्र सौपा गया है। जिसमें उन्होंने बिहार सरकार द्वारा व्यवहार न्यायालय, बिहार के
कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण रवैया को उजागर किया है। अध्यक्ष ने अपनी चार सूत्री माँगों जिसमें 1. वेतन विसंगति की समाप्ति 2. नियमित और लंबित पदोन्नति की शुरूआत 3.अनुकम्पा पर नियुक्ति 4. राज्य संवर्ग शामिल है को लेकर आवेदन दिया है।संघ द्वारा बताया गया की उच्च न्यायालय के तीन बार अनुशंसा करने के बावजूद बिहार सरकार हमारी चार सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दे रहीं है, इस कारण से आज व्यवहार न्यायालय, भोजपुर के सभी कर्मचारीगण ब्लैक डे मना रहे हैं ताकि हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की जरूरत न पड़े और इसके पहले ही हमारी चार सूत्री मांगें पूरी हो जाए।
संघ ने कहा की यदि उपरोक्त चार सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यवहार न्यायालय, भोजपुर के सभी कर्मचारीगण आगामी 01 मई 2024 को पुनः सांकेतिक हड़ताल करेंगें तथा इसके बाद भी हमारी चार सूत्री मांगें पूरी नहीं हुई तो 1 जुलाई 2024 से अपनी मांगों की पूर्ति होने तक अनिश्चित काल तक अपने-अपने कार्यों से अलग रहेगें।


