आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 मार्च।बड़ी मठिया आरा के प्रांगण मे मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में आज छठवें दिन कथावाचिका पूज्य श्री गंगा मिश्रा जी ने कथा के अंतर्गत भगवान की बहुत ही सुंदर रासलीला का दर्शन कराया गया । इन्होंने रसिक सूर ताल और वाद्य यंत्रों की संगति से मनोहारी गीत के माध्यम से कथा श्रवण करायी। उन्होंने गाये जाने वाले पंच गीत, भागवत के पंच प्राण हैं, जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भव पार हो जाता है। उसे वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती हैं। कथावाचिका ने कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना, रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ कर भक्तजनों को श्रवण कराया। श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया । श्री गंगा मिश्रा जी ने कथा में बताया कि पूर्ण ब्रह्म स्वरूप भगवान कृष्ण का अवतार हुआ है व उनकी अनेकों लीलाएं हैं । भगवान कृष्ण की लीला को बस गाना चाहिए , क्योंकि वो भगवान है । हम उनके बराबर नहीं कर सकते ,ना ही भगवान की रास लीला को सामान्य समझना चाहिए , क्योंकि भगवान कृष्ण योगेश्वर है । उन्होंने एक साथ जितनी गोपिकाएं थी उनके स्वरूप बना लिए थे । आज ब्रज की होली का भी दर्शन कराया गया ,भगवान कृष्ण और रुक्मणि विवाह की सुंदर कथा हुई । कधावाचन शुरु होने से इसके पूर्व यज्ञ मंडम में मंत्रोचार द्वारा मुख्य आचार्य पंडित ऋषिदेव पांडेय ने अपने सहयोगी पंडित दिनेश तिवरी, पंडित सुरेन्द्र तिवारी, पंडित अभिषेक पांडेय, पंडित शिवजी ओझा आदी बिद्धान पंडितो ने अपने मंत्रोचार के ध्वनी मात्र जाप से अग्नी स्थापन कराई हवनकुंड में !
इस अवसर पर मुख्य रुप से भागवत कथा में मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के अध्यक्ष चंदन ओझा, दीनानाथ मिश्रा,योगेंद्र सिंह, विजय जी , हरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू , राकेश रंजन उर्फ पुतुल, सुदर्शन राम, शिवजी ओझा, अमरदीप कुमार जय समाजसेवी, एनूलहक मोलबी साहेब कबारी वाले, दीपक सिंह , सचितानंद ओझा, पवन पांडेय एवं कथासेवक सह7 यज्ञमंडप की सफाई पॖभारी माया देवी संग हजारो महिला पुरुष आदी कथाभक्त श्रोताओ ने शामिल होकर सामुहिक आरती गाण किया गया इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।

previous post
