RKTVNEWS/आरा (भोजपुर) 05 मार्च।छात्र संगठन आइसा महाराजा महाविद्यालय इकाई द्वारा महाराजा कॉलेज मे हुई वित्तीय अनियमितता के खिलाफ चरण बद्ध आंदोलन और धरना पूर्व में लगातार दिया गया था। आइसा ने बताया की तत्कालीन महाविद्यालय प्रशासन आइसा के इस दबाव के कारण जांच गठित कर वित्तीय अनियमितता की जांच कराई गई। जांच में करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई गई हैं। पूर्व प्राचार्य नरेंद्र कुमार के पांच वर्षों के कार्यकाल में मात्र दो वर्षों में इतने बड़े लूट की बात सामने आई हैं। जहां महाविद्यालय में छात्रों को बैठ कर पढ़ने के लिए वर्ग कक्ष नही हैं वहीं महाविद्यालय में 20 लाख का ईट 70 लाख में लगाया गया है। 18 लाख में दो बाथरूम बनाया गया हैं जिसकी वास्तविक कीमत 5 लाख से भी कम हैं। 10 लाख में 50 बेंच खरीदे गए हैं जिनकी वास्तविक कीमत 2 लाख से भी कम हैं। आइसा ने बताया की मेरिट जारी कर इंटर और स्नातक में दाखिला लेने के दर पे जो 2015 में लागू था उस दर पर आज के डेट में पेमेंट गेटवे के नाम पर फर्जी कार्यादेश जारी कर 25 लाख का अवैध भुगतान किया गया है। शिक्षक आवास के मरम्मती के नाम पर 30 लाख रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई हैं जबकि वास्तविक अनुमानित खर्च 10 लाख से भी कम है। महिला छात्रावास में फर्नीचर खरीद में 32 लाख रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई हैं जबकि वास्तविक बाजार कीमत तीन गुनी कम हैं। कॉलेज में चहारदीवारी के नाम पर 25 लाख रुपए खर्च कर दिए गए हैं जबकि चहारदीवारी मरम्मती में 4 से 5 लाख वास्तविक खर्च हुये हैं, हालात ये हैं की जो चहारदीवारी कभी मरम्मत ही नही हुवे उसकी भी मरम्मती दिखा दी गई हैं। ऐसे ही कंप्यूटर खरीद घोटाला सहित ऐसे अनेक घोटाले सामने आए हैं। इस व्यापक वित्तीय अनियमितता के खिलाफ आइसा के पूर्व बिहार राज्य सचिव व भाकपा माले वर्तमान डूमाराव (बक्सर) विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा और भाकपा माले तरारी (भोजपुर) विधायक सुदामा प्रसाद द्वारा भी बिहार विधानसभा में महाराजा महाविद्यालय पूर्व प्राचार्य व वर्तमान जैन कॉलेज प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह के खिलाफ उनके कार्यकाल में हुए घोटाले की जांच के लिए बिहार सरकार से स्वतंत्र जांच कमिटी बना कर जांच करने की मांग की है।
छात्र संगठन आइसा ये भी मांग करती है की उनके सभी कार्यकालो की जहां पर प्राचार्य पद पर कार्यरत रहे हैं उन सभी जगहों पर जांच कराई जाए नही तो इसके लिए लड़ाई आने वाले दिनों में किया जाएगा।
