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आरईसीपीडीसीएल ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ एसईजेड में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली के पारेषण के लिए अधिकार पचोरा पावर ट्रांसमिशन एसपीवी को सौंप दिया।

नई दिल्ली/16 फरवरी।आरईसीपीडीसीएल ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ एसईजेड में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली के पारेषण के लिए अधिकार पचोरा पावर ट्रांसमिशन एसपीवी को सौंप दिया।इस कार्य को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) अर्थात आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी विद्युत मंत्रालय के तहत एनबीएफसी महारत्न सीपीएसई ने मेसर्स जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को एक परियोजना-विशिष्ट एसपीवी (विशेष प्रयोजन वाहन) सौंप दिया है। एसपीवी का गठन टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से मध्य प्रदेश में राजगढ़ (1000 मेगावाट) एसईजेड में आरई परियोजनाओं से बिजली के पारेषण – चरण II के लिए अंतर राज्य ट्रांसमिशन परियोजना की स्थापना के लिए किया गया था।
पचोरा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड नामक एसपीवी को आरईसीपीडीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सफल बोलीदाता मेसर्स जी आर इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया है। इसके अलावा, सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीटीयूआईएल) के प्रतिनिधि और अन्य प्रमुख हितधारक इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को देखने के लिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
आरईसीपीडीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा है कि आरईसीपीडीसीएल विद्युत मंत्री और विभाग सचिव के दूरदर्शी निर्देशों के अनुरूप, देश की बिजली आपूर्ति की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से नवीकरणीय ऊर्जा सुधारों की वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा के पारेषण के उद्देश्य से ट्रांसमिशन प्रणाली के विकास के लिए टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली एक बहुत ही शानदार मिशन है और यह आरईसीपीडीसीएल को टीबीसीबी मार्ग के माध्यम से परियोजनाओं के पुरस्कार हेतु बोली प्रक्रिया समन्वयक होने का विशेषाधिकार प्राप्त है।

आरईसीपीडीसीएल के बारे में जानकारी

आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, आरईसीपीडीसीएल, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो 50 से अधिक राज्य विद्युत वितरण कंपनियों / राज्यों के बिजली विभागों को अनुभव-आधारित परामर्श तथा विशेषज्ञ परियोजना कार्यान्वयन सेवाएं प्रदान कर रही है। आरईसीपीडीसीएल ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं तथा आरई-बंडलिंग परियोजनाओं में टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक (बीपीसी) के रूप में कार्य कर रहा है। आरईसीपीडीसीएल प्रधानमंत्री विकास पैकेज परियोजनाओं के तहत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में वितरण एवं पारेषण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा उन्नयन परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है। आरईसीपीडीसीएल अपने विशेषज्ञ परामर्श, परियोजना कार्यान्वयन तथा लेनदेन सलाहकार सेवाओं के साथ देश के विद्युत क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आरईसी लिमिटेड के बारे में

आरईसी विद्युत मंत्रालय के तहत एक ‘महारत्न’ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), और अवसंरचना वित्त पोषण कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी पूरी विद्युत अवसंरचना को वित्तपोषित करता है जिसमें उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी स्टोरेज, पंप स्टोरेज परियोजनाएं, हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया परियोजनाएं जैसी नई प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। हाल ही में, आरईसी ने गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी कार्य शुरू किया है, जिनमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह तथा इस्पात और रिफाइनरी जैसे क्षेत्रों से जुड़े विद्युत यांत्रिक (ई एंड एम) कार्य शामिल हैं। आरईसी लिमिटेड देश में अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड सरकार की बिजली क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और यह प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए एक नोडल एजेंसी रहा है, जिनके परिणामस्वरूप देश में अंतिम सिरे तक वितरण प्रणाली, 100% गाँव विद्युतीकरण और घरेलू विद्युतीकरण को मजबूत किया गया है। आरईसी को पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी नोडल एजेंसी बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की जिम्मेदारी भी दी गई है। 31 दिसंबर, 2023 तक, आरईसी का कुल ऋण 4.97 लाख करोड़ रुपये और नेट वर्थ 64,787 करोड़ रुपये है।

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