
किसी के दिल में अपना घर कर लिया..!
किसी के दिल में अपना घर कर लिया।
हमने अपने नाम सारा शहर कर लिया।
लोग कहते है इश्क आग का दरिया है,
लोगों की बातों से खुद को बेखबर कर लिया।
क्या करें अपनी तो इबादत की आदत है,
उनके कदमों पे अपना सर कर लिया।
औरो के लिए मांगते हैं तो कबूल हो जाती है,
अपनी दुआओं में हमने इतना असर कर लिया।
अब हर जगह सिर्फ़ वो ही नजर आते है,
एक बार मेरी नज़रों ने जिसे नज़र कर लिया
अब तेरा ही जिक्र, तेरी ही बात, तेरे ही चर्चे,
अब ये ही काम शाम-ओ-सहर कर लिया।
(साभार -शब्दों की सरिता मंच )



